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आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26: ‘एक साथ स्प्रिंट और मैराथन’ दौड़ती भारत की आर्थिक समझदारी

Economy   •   👁 18 views   •   30 Jan 2026
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26: ‘एक साथ स्प्रिंट और मैराथन’ दौड़ती भारत की आर्थिक समझदारी
नई दिल्ली: आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने भारत की आर्थिक रणनीति को एक प्रभावशाली रूपक में समेटते हुए कहा है कि देश “एक साथ स्प्रिंट और मैराथन” दौड़ रहा है। इसका अर्थ है—तत्काल चुनौतियों से निपटने के लिए तेज़ फैसले (स्प्रिंट) और दीर्घकालिक विकास के लिए धैर्यपूर्ण नीतियाँ (मैराथन) साथ-साथ अपनाई जा रही हैं।
सर्वे के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनावों और सप्लाई-चेन के दबावों के बीच भारत ने मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिरता बनाए रखते हुए विकास की रफ्तार कायम रखी है। अल्पकाल में महंगाई नियंत्रण, राजकोषीय अनुशासन और वित्तीय स्थिरता पर जोर दिया गया, जबकि दीर्घकाल में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, स्किल डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी में निवेश को प्राथमिकता दी गई।
सर्वे यह भी रेखांकित करता है कि निजी निवेश को गति देना और रोज़गार सृजन केंद्र में हैं। सरकार की भूमिका सक्षमकर्ता की है—नीतिगत स्थिरता, आसान अनुपालन, और पूंजी निर्माण के जरिए निजी क्षेत्र को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही, स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत कर वैश्विक सप्लाई-चेन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने पर बल दिया गया है।
एक अहम संदेश यह है कि त्वरित विकास और टिकाऊ प्रगति में संतुलन जरूरी है। इसलिए सर्वे हरित विकास, ऊर्जा संक्रमण और समावेशी वृद्धि को आर्थिक रणनीति का अभिन्न हिस्सा मानता है। इससे विकास का लाभ व्यापक आबादी तक पहुंच सके।
संक्षेप में, आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 भारत की आर्थिक सोच को व्यावहारिक, संतुलित और दूरदर्शी बताता है—जहां आज की जरूरतों के लिए तेज़ कदम और कल के लक्ष्य के लिए लंबी दौड़, दोनों एक साथ जारी हैं।