The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

‘42 साल की चुप्पी तोड़ने के लिए’: पंजाब के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा होंध-चिल्लर त्रासदी स्थल पर करेंगे प्रार्थना सभा

Politics  •  👁 9 views  •  30 Jan 2026
‘42 साल की चुप्पी तोड़ने के लिए’: पंजाब के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा होंध-चिल्लर त्रासदी स्थल पर करेंगे प्रार्थना सभा
पंजाब के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने हरियाणा के होंध-चिल्लर त्रासदी स्थल पर प्रार्थना सभा आयोजित करने की घोषणा की है। उन्होंने इसे “42 साल की चुप्पी तोड़ने का प्रयास” बताया है। यह कदम 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान होंध-चिल्लर गांव में हुई हिंसा और हत्याओं की स्मृति से जुड़ा है, जिसे लंबे समय तक राष्ट्रीय स्तर पर अपेक्षित ध्यान नहीं मिला।
ग्यासपुरा ने कहा कि यह प्रार्थना सभा किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि पीड़ितों की याद और न्याय की मांग को जीवित रखने के लिए है। उनका मानना है कि होंध-चिल्लर त्रासदी भारतीय इतिहास का वह अध्याय है, जिस पर दशकों तक चुप्पी साधी गई, और अब समय आ गया है कि समाज और सरकार दोनों इसका सामना करें।
होंध-चिल्लर गांव में 1984 में दर्जनों सिखों की हत्या की गई थी। वर्षों बाद इस घटना की जांच और पहचान सामने आई, लेकिन आज भी कई पीड़ित परिवार न्याय और सम्मानजनक स्वीकार्यता की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विधायक का कहना है कि प्रार्थना सभा का उद्देश्य सामूहिक स्मृति, संवेदना और नैतिक जिम्मेदारी को दोबारा जगाना है।
इस पहल पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे देरी से उठाया गया लेकिन जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि आलोचकों का कहना है कि ऐसे मुद्दों पर केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि ठोस न्यायिक और प्रशासनिक कार्रवाई की जरूरत है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की पहलें यह याद दिलाती हैं कि त्रासदियों को भूल जाना समाधान नहीं है। होंध-चिल्लर में प्रस्तावित प्रार्थना सभा न केवल अतीत को याद करने का प्रयास है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि चुप्पी तोड़ना ही न्याय की पहली सीढ़ी हो सकता है।