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RBI ने ग्राहकों को छोटे फ्रॉड से बचाने के लिए तय की 25,000 रुपये की मुआवज़े की सीमा

Economy   •   👁 47 views   •   06 Feb 2026
RBI ने ग्राहकों को छोटे फ्रॉड से बचाने के लिए तय की 25,000 रुपये की मुआवज़े की सीमा
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों को छोटे वित्तीय फ्रॉड से बचाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत बैंक और वित्तीय संस्थान अब ग्राहकों को 25,000 रुपये तक के छोटे फ्रॉड के मामलों में मुआवज़ा देने के लिए बाध्य होंगे। यह कदम विशेष रूप से उन लेनदेन धोखाधड़ी और डिजिटल भुगतान फ्रॉड को रोकने के लिए उठाया गया है, जिनमें ग्राहक सीधे नुकसान में रहते हैं।
RBI के अधिकारियों के अनुसार, यह सीमा ऐसे मामलों में लागू होगी जहाँ ग्राहक की गलती या सुरक्षा उल्लंघन से जुड़े छोटे-छोटे फ्रॉड होते हैं। उदाहरण के लिए, OTP चोरी, मोबाइल बैंकिंग फ्रॉड या डिजिटल पेमेंट में अनधिकृत लेनदेन शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इस नए नियम का उद्देश्य ग्राहकों को डिजिटल लेनदेन में भरोसा दिलाना और बैंकिंग प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाना है। बैंक अब निर्धारित समय सीमा के भीतर मुआवज़ा देने के लिए जिम्मेदार होंगे। साथ ही, यदि कोई बैंक नियम का पालन नहीं करता, तो RBI उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते उपयोग के साथ फ्रॉड के मामले भी बढ़े हैं। इस कदम से न केवल ग्राहकों को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी, बल्कि बैंक भी अपनी निगरानी और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करेंगे।
RBI ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मुआवज़ा सीमा छोटे फ्रॉड तक सीमित है, और बड़े फ्रॉड या साइबर अपराध मामलों में अलग प्रक्रिया और जांच लागू होगी। इससे ग्राहकों के वित्तीय हितों की रक्षा और डिजिटल बैंकिंग का भरोसा दोनों बढ़ेंगे।