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बजट 2026: भारत को ग्लोबल क्रिटिकल मिनरल पावरहाउस बनाने की दिशा में बड़ा कदम

Economy  •  👁 8 views  •  30 Jan 2026
बजट 2026: भारत को ग्लोबल क्रिटिकल मिनरल पावरहाउस बनाने की दिशा में बड़ा कदम
नई दिल्ली: बजट 2026 में भारत ने अपनी ग्लोबल क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) रणनीति को प्रमुखता से रखा है। सरकार का उद्देश्य है कि देश सिर्फ खनन तक सीमित न रहकर, क्रिटिकल मिनरल्स के उत्पादन, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट में भी अग्रणी बने। यह पहल न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा और ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत करेगी।
क्रिटिकल मिनरल्स में लिथियम, कोबाल्ट, निकेल, रेयर अर्थ एलिमेंट्स और ग्रेफाइट शामिल हैं, जो इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरियों, renewable energy और हाई-टेक उद्योगों के लिए अनिवार्य हैं। बजट में कहा गया है कि भारत में इन मिनरल्स के उत्पादन और प्रोसेसिंग में निवेश बढ़ाया जाएगा, जिससे देश ग्लोबल सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बने।
सरकार ने निवेशकों को टैक्स लाभ, आसान अनुमति प्रक्रिया और विशेष आर्थिक जोन जैसी सुविधाएँ देने की योजना बनाई है। इसके साथ ही स्टार्टअप और प्राइवेट सेक्टर के लिए क्रिटिकल मिनरल्स में रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम इंडिया को भविष्य की तकनीकी और ऊर्जा जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
विशेष रूप से, बजट में क्रिटिकल मिनरल्स के लिए ग्रीन और सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिस अपनाने पर जोर दिया गया है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित होगा, बल्कि नए रोजगार और निवेश के अवसर भी पैदा होंगे।
संक्षेप में, बजट 2026 ने भारत को क्रिटिकल मिनरल पावरहाउस बनाने की महत्वाकांक्षी योजना पेश की है। यह रणनीति आर्थिक विकास, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए निर्णायक साबित होगी।