The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

RBI ने ब्याज दरें स्थिर रखीं: जानिए इस फैसले के पीछे की बड़ी वजहें

Economy  •  👁 13 views  •  06 Feb 2026
RBI ने ब्याज दरें स्थिर रखीं: जानिए इस फैसले के पीछे की बड़ी वजहें
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में ब्याज दरों को यथावत रखने का फैसला किया है। लगातार कुछ बैठकों से रेपो रेट में कोई बदलाव न करने का यह निर्णय देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई दर और वैश्विक अनिश्चितताओं को ध्यान में रखकर लिया गया है। इस फैसले का असर आम उपभोक्ताओं से लेकर उद्योग और शेयर बाजार तक पर पड़ता है।
RBI द्वारा ब्याज दरें स्थिर रखने की सबसे बड़ी वजह महंगाई को नियंत्रित स्तर पर बनाए रखना है। हाल के महीनों में खुदरा महंगाई दर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, खासकर खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों के कारण। केंद्रीय बैंक का मानना है कि मौजूदा दरें महंगाई को लक्ष्य सीमा में रखने के लिए फिलहाल उपयुक्त हैं।
इसके अलावा वैश्विक आर्थिक हालात भी इस फैसले में अहम भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिका और यूरोप में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता जैसे कारकों ने RBI को सतर्क रुख अपनाने पर मजबूर किया है। ऐसे माहौल में ब्याज दरों में जल्दबाज़ी में बदलाव जोखिम भरा हो सकता है।
आर्थिक विकास को समर्थन देना भी RBI की प्राथमिकताओं में शामिल है। हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत मानी जा रही है, लेकिन निजी निवेश और उपभोक्ता मांग को संतुलित बनाए रखने के लिए स्थिर ब्याज दरें जरूरी समझी जा रही हैं। इससे होम लोन, ऑटो लोन और बिज़नेस लोन लेने वालों को राहत मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि RBI का यह फैसला “वेट एंड वॉच” रणनीति का हिस्सा है। आने वाले महीनों में अगर महंगाई में ठोस गिरावट आती है, तो भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना बन सकती है। फिलहाल, स्थिर दरें अर्थव्यवस्था को संतुलन में रखने का प्रयास मानी जा रही हैं।