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बंगाल SIR 2.0: ECI ने ‘सुपर चेकिंग’ फेज़ किया शुरू, सुनवाई के दौरान अपलोड दस्तावेज़ों की होगी दोबारा जांच

Politics   •   👁 25 views   •   30 Jan 2026
बंगाल SIR 2.0: ECI ने ‘सुपर चेकिंग’ फेज़ किया शुरू, सुनवाई के दौरान अपलोड दस्तावेज़ों की होगी दोबारा जांच
पश्चिम बंगाल में Special Intensive Revision (SIR) 2.0 प्रक्रिया के तहत भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने अब एक नया और अहम चरण शुरू कर दिया है, जिसे ‘सुपर चेकिंग’ फेज़ कहा जा रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, इस चरण में उन सभी दस्तावेज़ों की दोबारा और गहन जांच की जाएगी, जिन्हें सुनवाई के दौरान अपलोड किया गया था।
ECI का कहना है कि SIR 2.0 का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटि-मुक्त बनाना है। सुपर चेकिंग फेज़ में खास तौर पर उन मामलों पर ध्यान दिया जाएगा जहां डुप्लीकेट एंट्री, गलत पते, या संदिग्ध दस्तावेज़ की शिकायतें सामने आई थीं।
अधिकारियों के मुताबिक, इस चरण में दस्तावेज़ों को मल्टी-लेवल वेरिफिकेशन सिस्टम के जरिए जांचा जाएगा। इसमें डिजिटल रिकॉर्ड, स्थानीय स्तर की पुष्टि और आवश्यक होने पर फील्ड वेरिफिकेशन भी शामिल हो सकता है। ECI ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया का मकसद किसी को सूची से हटाना नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाना है।
हालांकि, SIR 2.0 और सुपर चेकिंग फेज़ को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस भी तेज़ है। कुछ विपक्षी दलों ने आशंका जताई है कि इससे योग्य मतदाताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पूरी प्रक्रिया कानून और तय दिशानिर्देशों के तहत की जा रही है।
चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल जैसे बड़े और संवेदनशील राज्य में मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र के लिए बेहद ज़रूरी है। सुपर चेकिंग फेज़ इसी दिशा में एक अतिरिक्त कदम माना जा रहा है, जिससे आगामी चुनावों में पारदर्शिता और भरोसा मजबूत हो सके।