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मुंबई में जलभराव: शहरी बाढ़ पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत

Economy  •  👁 21 views  •  06 Jan 2026
मुंबई में जलभराव: शहरी बाढ़ पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत
मुंबई शहर में हाल ही में भारी बारिश के चलते जलभराव और शहरी बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई इलाकों में पानी खड़ा हो गया है, यातायात ठप हो गया है और लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि शहरी बाढ़ और जलभराव पर तुरंत और प्रभावी कदम उठाना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मुंबई जैसे बड़े और घनी आबादी वाले शहर में जलभराव केवल मौसम की समस्या नहीं है। इसके पीछे कई कारण हैं, जैसे अत्यधिक निर्माण, गंदगी, नालियों की अव्यवस्था, जल निकासी की खराब प्रणाली और वृक्षों की कमी। जब बारिश होती है, तो यह अव्यवस्थित नाले और ओवरबिल्ट इलाके पानी को सही तरीके से नहीं छोड़ पाते, जिससे सड़कें और घर जलमग्न हो जाते हैं।
शहरी बाढ़ केवल असुविधा ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी है। खड़े पानी में मच्छरों और कीटों का फैलाव बढ़ता है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इसके अलावा, जलभराव से सड़क दुर्घटनाओं, बिजली कटौती और आर्थिक नुकसान जैसी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं।

इसलिए विशेषज्ञों का सुझाव है कि सरकार और नगर निगम को सतत और विज्ञान आधारित उपाय अपनाने चाहिए। इसमें शामिल हैं:
नालियों और ड्रेनेज सिस्टम का नियमित रख-रखाव,
प्राकृतिक जल निकासी रास्तों का संरक्षण,
हर नए निर्माण में जलभराव रोकने के लिए डिज़ाइन और नियमन,
और नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना कि वे नालियों में कचरा न फेंकें।
मुंबई जैसी महानगरियों में जलभराव की समस्या लगातार बढ़ रही है। इसे अनदेखा करना भविष्य में बड़े मानव और आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। इसलिए शहरी बाढ़ और जलभराव पर तुरंत सतत, वैज्ञानिक और सामूहिक ध्यान देना बेहद जरूरी है।