The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के विरोध में 25 किमी न्याय मार्च, जहानाबाद से पटना तक गूंजा इंसाफ का स्वर

National  •  👁 16 views  •  06 Feb 2026
नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के विरोध में 25 किमी न्याय मार्च, जहानाबाद से पटना तक गूंजा इंसाफ का स्वर
बिहार में महिला सुरक्षा और छात्राओं के अधिकारों को लेकर एक बार फिर जनआक्रोश देखने को मिला। जहानाबाद से पटना तक 25 किलोमीटर लंबा ‘न्याय मार्च’ निकाला गया, जो पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली नीट (NEET) छात्रा की संदिग्ध मौत और उसके साथ कथित दरिंदगी के विरोध में आयोजित किया गया। इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए।
न्याय मार्च की शुरुआत जहानाबाद से हुई, जहाँ से लोग हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पटना की ओर रवाना हुए। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “न्याय दो”, “दोषियों को सजा दो” और “छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करो” जैसे नारे लगाए। उनका आरोप है कि छात्रा की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और अब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो पाई है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। उनका कहना था कि यदि यह मामला दबा दिया गया, तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा और छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।
न्याय मार्च के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। मार्च शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन लोगों का आक्रोश साफ झलक रहा था।
इस न्याय मार्च ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब बात महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा की होती है, तो समाज एकजुट होकर आवाज उठाता है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि ऐसे मामलों में लापरवाही न बरती जाए और न्याय सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में कोई और छात्रा इस तरह की त्रासदी का शिकार न बने।