The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

किस हैं पूनम मुटरेजा? दस्तकार की नई चेयरपर्सन और शिल्प व सामाजिक विकास की आवाज़

National  •  👁 16 views  •  05 Feb 2026
किस हैं पूनम मुटरेजा? दस्तकार की नई चेयरपर्सन और शिल्प व सामाजिक विकास की आवाज़
भारत के प्रसिद्ध शिल्प संगठन दस्तकार (Dastkar) ने अपनी नई चेयरपर्सन के रूप में पूनम मुटरेजा को नियुक्त किया है, जो देश की हस्तशिल्प और ग्रामीण कारीगर समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।
पूनम मुटरेजा भारत की एक अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ता और विकास-क्षेत्र की विशेषज्ञ हैं। उन्होंने Population Foundation of India की कार्यकारी निदेशिका (Executive Director) के रूप में चार दशक से अधिक समय तक नेतृत्व किया है, जहाँ उन्होंने महिला स्वास्थ्य, प्रजनन अधिकारों, शिक्षा और ग्रामीण आजीविका के मुद्दों पर काम किया।
उनका करियर NGO और सामाजिक सक्रियता से शुरू हुआ, और वे उन संस्थाओं में शामिल रहीं जिन्होंने भारत के शिल्पकला और कारीगरों के आर्थिक स्थिति सुधारने पर काम किया। इनमें से एक प्रमुख संगठन ही है दस्तकार — 1981 में स्थापित एक गैर-सरकारी संस्था, जिसका उद्देश्य भारतीय पारंपरिक शिल्प और कारीगरों को मुख्यधारा के बाज़ार और सम्मान देने में मदद करना है।
दस्तकार ने वर्षों के दौरान कई शिल्प मेलों और प्रदर्शनियों का आयोजन किया है, जिससे सैकड़ों कारीगरों को वैश्विक बाजार में अपनी कला दिखाने और बेहतर लाभ पाने का अवसर मिला है।
पूनम मुटरेजा एक संस्थापक सदस्य भी रही हैं और अब चेयरपर्सन के रूप में संगठन के नए युग की शुरुआत कर रही हैं। उनका अनुभव इस दिशा में बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे कला, रोजगार और सामाजिक न्याय के साथ आर्थिक सशक्तिकरण को जोड़कर काम करती रही हैं।
बता दें कि दस्तकार जैसे शिल्प-समर्थन संस्थानों की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि पारंपरिक शिल्पकला को संरक्षण और वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता होती है — और इसी मिशन में अब पूनम मुटरेजा एक नई भूमिका निभाएंगी।