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‘हम बेबस महसूस करते हैं’: कोथरूड में इस लोकप्रिय मॉल के पास पैदल चलना क्यों बन गया है लोगों के लिए बुरा सपना

National  •  👁 9 views  •  05 Feb 2026
‘हम बेबस महसूस करते हैं’: कोथरूड में इस लोकप्रिय मॉल के पास पैदल चलना क्यों बन गया है लोगों के लिए बुरा सपना
पुणे के कोथरूड इलाके में स्थित एक लोकप्रिय मॉल के आसपास पैदल चलना अब स्थानीय निवासियों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। रोज़ाना इस रास्ते से गुजरने वाले लोग कहते हैं कि फुटपाथों की हालत, ट्रैफिक अव्यवस्था और अतिक्रमण ने सामान्य पैदल आवाजाही को लगभग असंभव बना दिया है। लोगों का कहना है कि वे खुद को “बेबस” महसूस करते हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, मॉल के आसपास फुटपाथ या तो टूटे हुए हैं या फिर पूरी तरह से पार्क की गई गाड़ियों, ठेलों और अस्थायी दुकानों से घिरे रहते हैं। मजबूरन पैदल चलने वालों को मुख्य सड़क पर उतरना पड़ता है, जहां तेज़ रफ्तार वाहन उनकी जान को खतरे में डालते हैं। बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
रिहायशी इलाकों से मॉल तक आने-जाने वाले लोगों का कहना है कि शाम के समय ट्रैफिक इतना बढ़ जाता है कि कुछ सौ मीटर की दूरी तय करने में भी लंबा वक्त लग जाता है। जैब्रा क्रॉसिंग, सिग्नल और स्ट्रीट लाइट्स की कमी ने समस्या को और गंभीर बना दिया है।
निवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस से शिकायत की, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला। कभी-कभार अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में हालात फिर से पहले जैसे हो जाते हैं।
शहरी योजनाकारों का मानना है कि यह समस्या सिर्फ एक मॉल तक सीमित नहीं है, बल्कि तेजी से बढ़ते शहरों में पैदल यात्री बुनियादी ढांचे की अनदेखी का नतीजा है। यदि समय रहते फुटपाथ सुधार, अतिक्रमण हटाने और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर ध्यान नहीं दिया गया, तो हादसों का खतरा और बढ़ सकता है।
कोथरूड के लोगों की मांग साफ है—सुरक्षित फुटपाथ, बेहतर ट्रैफिक नियंत्रण और जवाबदेह प्रशासन—ताकि पैदल चलना फिर से एक सामान्य और सुरक्षित अनुभव बन सके।