The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 भीषण सड़क हादसा, ट्रक ने बाइक सवार को सैकड़ों मीटर तक घसीटा     🔴 चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत अंतर्विषयक सहयोग की आवश्यकता : प्रो. रविचंद्रन वी. कुलपति     🔴 कोमल पंत की कविता को मिला “श्री राम सम्मान”     🔴 सभी भाषाएँ समान हैं, उनका प्रतिनिधित्व होना चाहिए: प्रोफेसर हरप्रीत कौर     🔴 हरियाणा खेल विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स इंजरी मैनेजमेंट पर कार्यशाला- आयोजन     🔴 कुल 1,54,656 मामलों का निपटारा किया गया तथा दिल्ली भर में 1,26,399 ट्रैफिक चालानों का निपटारा कर बनाया रिकॉर्ड     🔴 कड़ी मेहनत और निरंतर सीख ही सफलता की कुंजी : प्रो. अनिल डी. सहस्रबुद्धे अध्यक्ष राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड     🔴 के. आर. एम. यू. के 7वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीयप्रत्यायन बोर्ड के अध्यक्ष प्रो अनिल डी. सहस्रबुद्धे होंगे मुख्य अतिथि     🔴 DPSRU में 'भूमि सुपोषण संगोष्ठी 2026' का आयोजन: मृदा स्वास्थ्य से विकसित भारत की ओर एक कदम     🔴 विक्रम राठौड़ गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, के सलाहकार जनसंपर्क मनोनीत    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

कश्मीर में ऑपरेशन त्राशी-I: 3 जैश आतंकियों की तलाश हफ़्तों तक क्यों जारी है?

National   •   👁 17 views   •   05 Feb 2026
कश्मीर में ऑपरेशन त्राशी-I: 3 जैश आतंकियों की तलाश हफ़्तों तक क्यों जारी है?
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा शुरू किया गया ऑपरेशन त्राशी-I अब हफ़्तों से जारी है। इसका उद्देश्य तीन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों को पकड़ना है, जो राज्य में खतरनाक गतिविधियों में संलिप्त बताए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऑपरेशन इतना लंबा चलने का मुख्य कारण भौगोलिक और रणनीतिक चुनौतियाँ हैं। कश्मीर की पहाड़ी और घने जंगलों वाली टोपोग्राफी आतंकवादियों को छिपने और आसानी से मूव करने का मौका देती है। इसके साथ ही, इलाके में आम नागरिक भी रहते हैं, जिससे सुरक्षा बलों को सावधानी और सटीक रणनीति अपनानी पड़ती है।
सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि आतंकवादी अत्यंत सतर्क हैं और लगातार इलाके बदल रहे हैं। ऐसे में ऑपरेशन में तेजी लाना कठिन है, क्योंकि गलत कदम नागरिकों की सुरक्षा और ऑपरेशन की सफलता दोनों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
इसके अलावा, ऑपरेशन में इंटेलिजेंस, ड्रोन सर्विलांस और हवाई समर्थन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन आतंकवादियों की गतिशीलता और स्थानीय समर्थन नेटवर्क के कारण, उन्हें पकड़ना अपेक्षाकृत कठिन साबित हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन त्राशी-I की लंबी अवधि यह दर्शाती है कि कश्मीर में आतंकवाद सतत खतरा है और सुरक्षा बल इसे पूरी सावधानी के साथ समाप्त करने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकारी सूत्रों ने कहा है कि सुरक्षा बलों का प्रमुख उद्देश्य केवल आतंकवादियों को पकड़ना नहीं है, बल्कि संपूर्ण इलाके में नागरिक सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना भी है।
इस लंबित ऑपरेशन ने एक बार फिर कश्मीर में सुरक्षा चुनौतियों और आतंकवाद के खिलाफ लगातार संघर्ष पर ध्यान केंद्रित किया है।