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सीबीआई ने अपने ही अधिकारी को ओडिशा में ‘सुरक्षा‑और‑वसूली रैकेट’ चलाने के आरोप में केस दर्ज किया

National  •  👁 13 views  •  31 Jan 2026
सीबीआई ने अपने ही अधिकारी को ओडिशा में ‘सुरक्षा‑और‑वसूली रैकेट’ चलाने के आरोप में केस दर्ज किया
भुवनेश्वर/नयी दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ओडिशा में अपने स्वयं के एक अधिकारी के खिलाफ “प्रोटेक्शन और एक्सटॉर्शन रैकेट” चलाने के आरोप में मामला दर्ज किया है, जो केंद्रीय एजेंसी की एंटी‑करप्शन विंग का सहायक उप निरीक्षक (ASI) था। यह उल्लेखनीय है कि यह कार्रवाई उसी एजेंसी के भीतर भ्रष्टाचार की झलक पेश करती है और केंद्रीय जांच प्रणाली में जवाबदेही जुटाने का इरादा भी दिखाती है।
प्रारंभिक जांच और FIR के अनुसार आरोपी प्रशान्त कुमार पल्लेई नामक ASI पर आरोप है कि उसने कोयला परिवहन और लिफ्टिंग से जुड़े व्यापारियों से नियमित सुरक्षा और संरक्षण के नाम पर रकम वसूली की। इसके लिए उसने अपनी पत्नी और बेटे के बैंक खातों का उपयोग करके यह वसूली की, जिससे आरोपित ने लाभार्थियों को विभिन्न भविष्य में जांच एजेंसियों से बचाने का वादा किया।
FIR में CBI ने यह भी उल्लेख किया है कि पल्लेई ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर Mahanadi Coalfields Limited (MCL) के अधिकारी सरदार्थ प्रसाद सेठी को अपनी मनमानी सुविधायें देने के लिए ‘सुरक्षा पैसे’ के रूप में रिश्वत लेने में शामिल किया, जिसमें अतिरिक्त कोयला लोड भेजना या उच्च‑ग्रेड कोयले की आपूर्ति जैसे फायदे शामिल थे। सेठी कथित तौर पर पल्लेई को नियमित भुगतान करता रहा ताकि वह उसे एजेंसियों के नियंत्रण से बचाने में सहायता करे।
CBI की FIR में आपराधिक साजिश (criminal conspiracy), धोखाधड़ी, सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत लेना और निजी व्यक्ति द्वारा सरकारी कर्मचारी को रिश्वत देना जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। शुरुआती जांच यह भी दर्शाती है कि आरोपी ASI ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से संबंधित जानकारी एकत्र करने के बहाने पैसे की मांग की तथा अन्य ठेकेदारों और कॉन्ट्रैक्टर्स का विवरण भी जुटाया, जिससे उन्हें भिष्य में फँसाने की कोशिश की गई।
ओडिशा में कोयला क्षेत्र के ऐसे मामलों पर यह मामला विशेष ध्यान खींच रहा है, क्योंकि यह दिखाता है कि वसूली और संरक्षण रैकेट जैसे घोटाले सिर्फ निजी समूहों ही नहीं, बल्कि केंद्रित सरकारी एजेंसियों के भीतर भी पनप सकते हैं। जांच जारी है और आगे कौन‑कौन अधिकारी या ठेकेदार इस मामले में फँसे हैं इसकी पुष्टि बाद में की जाएगी।