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$5 बिलियन का लक्ष्य: भारत‑EU FTA से सूरत के वस्त्र उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ, बड़ा बाजार खुलने का इंतज़ार

National  •  👁 7 views  •  31 Jan 2026
$5 बिलियन का लक्ष्य: भारत‑EU FTA से सूरत के वस्त्र उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ, बड़ा बाजार खुलने का इंतज़ार
सूरत (गुजरात): भारत‑यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (India‑EU FTA) से सूरत के वस्त्र उद्योग को बड़े निर्यात लाभ की उम्मीद दिखाई दे रही है। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि FTA के लागू होने के बाद यूरोपीय संघ के बाजार में सूरत के फैब्रिक और टेक्सटाइल उत्पादों की मांग बढ़ सकती है, जिससे इस शहर का टेक्सटाइल निर्यात मौजूदा लगभग $3 बिलियन से बढ़कर $5 बिलियन तक पहुंच सकता है। यह वृद्धि तब संभव होगी जब गुणवत्ता मानकों को पूरी तरह से सुनिश्चित किया जाए और यूरोपीय खरीदारों की अपेक्षाओं के अनुरूप उत्पादन किया जाए।
सूरत टेक्सटाइल सेक्टर देश की मान‑मेड फ़ाइबर (MMF) उत्पादन क्षमता का लगभग 40 % भाग संभालता है और पॉलिएस्टर, नायलॉन, विस्कोस जैसे सिंथेटिक रेशों का उत्पादन भी बहुत उच्च स्तर पर है। यूरोपीय बाजार में MMF की मजबूत मांग को देखते हुए व्यापार समूहों को उम्मीद है कि FTA लागू होने पर इस क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
उद्योग के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने कहा है कि भारतीय वस्त्र व्यापारियों को EU बाजार की विशिष्ट मांग, डिज़ाइन और गुणवत्ता मानदंडों को समझने के लिए अध्ययन यात्राएँ और बाजार अनुसंधान करना चाहिए, ताकि उत्पादों की मांग के मुताबिक़ आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। इससे न केवल निर्यात वृद्धि होगी, बल्कि बिन टैक्स (zero‑duty) बाजार पहुँच का लाभ उठाकर यूरोपीय खरीदारों पर प्रभाव भी बढ़ेगा।
विशेषज्ञ बताते हैं कि FTA से यूरोपीय बाजार में भारतीय वस्त्र और परिधान निर्यात की मौजूदा हिस्सा बढ़ेगा, क्योंकि यह समझौता टैरिफ (शुल्क) को हटाता है, जिससे भारत की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति सुधरती है—ख़ासकर उन देशों के मुकाबले जो पहले से भी यूरोपीय बाजार में पहुंच रखते हैं।
इस समझौते से अब तक बांग्लादेश, पाकिस्तान और वियतनाम जैसी देशों की हिस्सेदारी को टक्कर मिलने की संभावना है, क्योंकि भारत अब टैरिफ‑मुक्त बाजार में सीधे प्रतिस्पर्धा कर सकेगा। इसके परिणामस्वरूप सूरत के वस्त्र निर्यातकों को नए आदेश, बेहतर कीमतें और निर्यात वॉल्यूम में वृद्धि जैसे फ़ायदे मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।