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कॉपर ऐतिहासिक ‘सुपरसाइकल’ में प्रवेश: एलएमई कीमतें $14,000 पार, केडिया एडवाइजरी ने बयान दिया

Economy   •   👁 20 views   •   30 Jan 2026
कॉपर ऐतिहासिक ‘सुपरसाइकल’ में प्रवेश: एलएमई कीमतें $14,000 पार, केडिया एडवाइजरी ने बयान दिया
वैश्विक धातु बाजार में कॉपर (तांबा) ने एक ऐतिहासिक सुपरसाइकल (supercycle) संकेत देते हुए लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर कीमतें $14,000 प्रति टन से ऊपर पहुंचाई हैं, जिससे दुनिया भर के निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों की नजर इस लाल धातु पर टिक गई है। इस कड़ी में केडिया एडवाइजरी समेत कई विश्लेषक मानते हैं कि कॉपर सिर्फ मौसमी मंदी‑ऊँचाई वाली धातु नहीं रहा, बल्कि अब एक दीर्घकालिक और मजबूत चक्र में प्रवेश कर रहा है, जिसका असर औद्योगिक मांग, आपूर्ति‑अनुकूलता और निवेश धारणा पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी का मुख्य कारण ग्लोबल सप्लाई में व्यवधान, कई प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में खनन गतिविधि में रुकावट, और इलेक्ट्रिक वाहनों, AI डेटा केंद्रों और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सेक्टरों में मजबूत मांग है। इन कारकों ने मिलकर कॉपर की कीमत को नए आयाम तक पहुंचा दिया है।
लंदन मेटल एक्सचेंज में तीन‑महीने वाला कॉपर अनुबंध एक समय $14,268 प्रति टन तक पहुंच गया, और बाद में थोड़ी गिरावट के बाद भी ऊपर की ओर मजबूती दर्ज की गई। यह उछाल कई वर्षों में सबसे बड़ा प्रतिदिन का निवेशक सेंटिमेंट और सट्टा गतिविधि का परिणाम भी है, जिसमें चीन, अमेरिका और यूरोप के निवेशक शामिल हैं।
“सुपरसाइकल” शब्द वित्तीय और कमोडिटी बाजारों में तब उपयोग होता है जब कीमतें लंबे समय तक लगातार उच्च स्तर पर बनी रहती हैं और सिर्फ अल्पकालिक स्पाइक नहीं होतीं। इस बार कॉपर के मामले में यही बात दिखाई दे रही है क्योंकि सप्लाई की कमी और मांग का संतुलन बिगड़ रहा है, जो दीर्घकालिक मूल्य समर्थन का संकेत देता है।
यह तेजी औद्योगिक उपयोगकर्ताओं, जैसे की पावर, निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और नई ऊर्जा परियोजनाओं को प्रभावित कर रही है, क्योंकि उच्च इनपुट लागतें उत्पादन लागतों को बढ़ा सकती हैं। वहीं, खनन कंपनियों के शेयर और कॉपर आधारित निवेशों में भी उभरती दिलचस्पी देखी जा रही है।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि यह ‘सुपरसाइकल’ बनी रहती है, तो यह न सिर्फ धातु बाजार की संरचना बदल सकता है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा संक्रमण की दिशा को भी प्रभावित करेगा।