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इकोनॉमिक सर्वे 2026: इंडिया इंक में निवेश की कमी और स्वदेशी निवेश की आवश्यकता

Economy  •  👁 8 views  •  30 Jan 2026
इकोनॉमिक सर्वे 2026: इंडिया इंक में निवेश की कमी और स्वदेशी निवेश की आवश्यकता
नई दिल्ली: हाल ही में पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे 2026 ने इंडिया इंक की आर्थिक तस्वीर पर एक अहम चेतावनी दी है। सर्वे में कहा गया है कि देश में निजी और कॉरपोरेट निवेश की इच्छा कमजोर है, और इसके चलते आर्थिक विकास की गति अपेक्षित स्तर पर नहीं पहुंच रही है। इसी के साथ, स्वदेशी निवेश को बढ़ाना ‘अपरिहार्य’ बताया गया है
सर्वे के अनुसार, भारत में कई क्षेत्रों में निवेश की कमी उद्योग, बुनियादी ढांचा और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर डाल रही है। इसमें मुख्य कारण के रूप में अनिश्चित नीतियां, वैश्विक आर्थिक दबाव और पूंजी की कमी को माना गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर निजी क्षेत्र निवेश नहीं बढ़ाता है, तो सरकार द्वारा किए गए नवाचार और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर्याप्त परिणाम नहीं दे पाएंगे।
सर्वे में स्वदेशी निवेश पर विशेष जोर दिया गया है। इसका मतलब है कि देश के भीतर उत्पादित पूंजी और संसाधनों का उपयोग बढ़ाना अनिवार्य है। इसमें स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर में निवेश को प्राथमिकता दी जाने की सलाह दी गई है। इससे न केवल आर्थिक वृद्धि बढ़ेगी, बल्कि रोजगार और स्थानीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धा भी मजबूत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग से ही निवेश की कमी को दूर किया जा सकता है। इसके लिए नीतिगत स्थिरता, टैक्स लाभ और आसान फंडिंग जैसे उपाय आवश्यक हैं।
संक्षेप में, इकोनॉमिक सर्वे 2026 ने इंडिया इंक में निवेश की कमी को उजागर किया और स्वदेशी निवेश को बढ़ाना आर्थिक मजबूती के लिए अपरिहार्य बताया। यह चेतावनी और दिशा-निर्देश दोनों ही देश के आर्थिक विकास और दीर्घकालिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं।