The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

भारत के विदेश मंत्री जयशंकर 4 फरवरी को रुबियो द्वारा आयोजित खनिज सम्मेलन में होंगे शामिल

National  •  👁 6 views  •  29 Jan 2026
भारत के विदेश मंत्री जयशंकर 4 फरवरी को रुबियो द्वारा आयोजित खनिज सम्मेलन में होंगे शामिल
नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर 4 फरवरी को अमेरिका में रुबियो द्वारा आयोजित खनिज और ऊर्जा संसाधनों पर सम्मेलन में शामिल होंगे। यह बैठक वैश्विक खनिज आपूर्ति, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। सम्मेलन में कई देशों के प्रतिनिधि और उद्योग विशेषज्ञ भी हिस्सा लेंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सम्मेलन में प्रमुख विषयों में खनिज संसाधनों के स्थायी और सुरक्षित उत्पादन, आपूर्ति श्रृंखला की विश्वसनीयता, और अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं निवेश के अवसर शामिल होंगे। जयशंकर के लिए यह अवसर भारत के खनिज क्षेत्र और वैश्विक ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने का एक अहम मंच होगा।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि जयशंकर इस सम्मेलन के दौरान अमेरिका और अन्य भाग लेने वाले देशों के अधिकारियों से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें करेंगे। इन बैठकों में खनिज, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग से जुड़े समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह सम्मेलन भारत के खनिज आपूर्ति सुरक्षा और स्थायी विकास लक्ष्यों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में स्थिरता बनाए रखने और नई तकनीक आधारित निवेश के अवसर तलाशने के लिए यह बैठक उपयुक्त मंच है।
इसके अलावा, जयशंकर की भागीदारी से भारत की वैश्विक ऊर्जा और खनिज नीति के प्रति प्रतिबद्धता और प्रभाव बढ़ेगा। सम्मेलन के दौरान आपसी सहयोग, निवेश, और टिकाऊ उत्पादन तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
कुल मिलाकर, 4 फरवरी को होने वाला यह खनिज सम्मेलन भारत के लिए वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और स्थायी खनिज उत्पादन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेश मंत्री जयशंकर की भागीदारी न केवल अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करेगी बल्कि भारत की वैश्विक ऊर्जा और खनिज नीति को भी नई दिशा देगी।