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कड़े SWM नियम लागू: आवासीय सोसायटी और सरकारी भवनों को स्रोत पर ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन करना अनिवार्य

National  •  👁 8 views  •  29 Jan 2026
कड़े SWM नियम लागू: आवासीय सोसायटी और सरकारी भवनों को स्रोत पर ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन करना अनिवार्य
नई दिल्ली। राज्य सरकार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management – SWM) के नियमों को और कड़ा करते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब आवासीय सोसायटी, सरकारी और अर्ध-सरकारी भवनों को अपने स्तर पर अपशिष्ट का प्राथमिक रूप से निपटान करना अनिवार्य होगा। नए नियमों के अनुसार, स्थानीय निकायों को अपशिष्ट को स्रोत पर ही अलग-अलग प्रक्रिया करके प्रबंधन सुनिश्चित करना होगा।
सरकार ने कहा है कि इस कदम का उद्देश्य शहरों और कस्बों में कचरे की समस्या को कम करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। नियमों के तहत अपशिष्ट को जैविक, प्लास्टिक और अन्य गैर-बायोडिग्रेडेबल श्रेणियों में अलग करना होगा। सोसायटी और सरकारी भवनों में अपशिष्ट निपटान के लिए अलग-अलग टोकरी और संग्रह व्यवस्था की व्यवस्था करना अनिवार्य कर दिया गया है।
स्थानीय निकायों को भी निर्देश दिया गया है कि वे आवासीय और सरकारी भवनों के अपशिष्ट प्रबंधन पर नियमित निगरानी करें और नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई करें। इसके अलावा, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर अपशिष्ट प्रबंधन की प्रक्रिया में सुधार करने पर जोर दिया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्रोत पर अपशिष्ट प्रबंधन अपनाने से लैंडफिल साइटों पर दबाव कम होगा, गंदगी और प्रदूषण में कमी आएगी और पुनर्चक्रण (recycling) की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही, यह कदम शहरों की सफाई और स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
सरकार ने आम जनता से भी अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और अपशिष्ट को निर्धारित वर्गों में विभाजित कर उचित तरीके से निकाले। ऐसा करने से न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि स्थानीय निकायों के कार्यभार में भी कमी आएगी।
कुल मिलाकर, कड़े SWM नियमों के तहत अब प्रत्येक आवासीय सोसायटी और सरकारी भवन जिम्मेदार होंगे कि वे अपशिष्ट का स्रोत पर ही प्रबंधन करें, जिससे स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।