The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर मानवता की मिसाल: जम्मू के ग्रामीणों ने 20 से अधिक फंसे सैनिकों की बचाई जान

National  •  👁 5 views  •  29 Jan 2026
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर मानवता की मिसाल: जम्मू के ग्रामीणों ने 20 से अधिक फंसे सैनिकों की बचाई जान
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जम्मू से मानवता और देशभक्ति की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। जम्मू के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय लोगों ने अपने कर्तव्य का परिचय देते हुए मुश्किल में फंसे 20 से अधिक सैनिकों की मदद कर एक मिसाल कायम की है।
जानकारी के अनुसार, खराब मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते सैनिकों का एक दल रास्ते में फंस गया था। भारी ठंड और सीमित संसाधनों के कारण हालात लगातार चुनौतीपूर्ण होते जा रहे थे। इसी दौरान आसपास के गांवों के लोगों को स्थिति की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने बिना किसी देरी के सहायता के लिए कदम बढ़ाया।
ग्रामीणों ने न केवल सैनिकों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद की, बल्कि उन्हें भोजन, गर्म कपड़े और प्राथमिक जरूरत की अन्य वस्तुएं भी उपलब्ध कराईं। स्थानीय युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर राहत कार्य में भाग लिया और कठिन परिस्थितियों के बावजूद पूरी रात सैनिकों के साथ डटे रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना देश की रक्षा में लगे जवानों की सहायता को प्राथमिकता दी। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब पूरा देश गणतंत्र दिवस के उत्सव की तैयारी में जुटा हुआ है।
सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की तत्परता और साहस की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों का सहयोग सेना के मनोबल को और मजबूत करता है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि सेना और नागरिकों के बीच विश्वास और सहयोग का रिश्ता बेहद मजबूत है।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सामने आई यह घटना देशभर के लिए प्रेरणा है, जो यह दर्शाती है कि सच्ची देशभक्ति सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि संकट के समय किए गए कर्मों में दिखाई देती है।