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ITAT अहमदाबाद का बड़ा फैसला, ब्रोकर की एक्सेल शीट के आधार पर टैक्स नोटिस अवैध

National  •  👁 14 views  •  28 Jan 2026
ITAT अहमदाबाद का बड़ा फैसला, ब्रोकर की एक्सेल शीट के आधार पर टैक्स नोटिस अवैध
अहमदाबाद से एक अहम खबर सामने आई है, जहां इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT), अहमदाबाद ने रियल एस्टेट निवेशकों और संपत्ति खरीदारों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि केवल किसी तीसरे पक्ष, जैसे ब्रोकर या दलाल के पास मिली कच्ची एक्सेल शीट को पुख्ता सबूत मानकर करदाताओं को टैक्स नोटिस जारी नहीं किया जा सकता।
आईटीएटी ने कहा कि आयकर विभाग द्वारा की गई कार्रवाई तब तक वैध नहीं मानी जा सकती, जब तक कि कथित लेन-देन के संबंध में ठोस, स्वतंत्र और प्रत्यक्ष साक्ष्य मौजूद न हों। किसी तीसरे व्यक्ति के पास से बरामद बिना हस्ताक्षर, बिना पुष्टि और बिना समर्थन वाले डिजिटल दस्तावेज को कर चोरी का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता।
यह मामला उस समय सामने आया, जब आयकर विभाग ने एक रियल एस्टेट ब्रोकर के यहां छापेमारी के दौरान मिली एक्सेल शीट के आधार पर कई निवेशकों और खरीदारों को नोटिस जारी किए थे। विभाग का दावा था कि एक्सेल शीट में दर्ज आंकड़े अघोषित नकद लेन-देन को दर्शाते हैं। हालांकि, ट्रिब्यूनल ने पाया कि इन दस्तावेजों का न तो संबंधित करदाताओं से कोई सीधा संबंध स्थापित किया गया और न ही अन्य साक्ष्यों से इसकी पुष्टि हुई।
आईटीएटी ने अपने फैसले में यह भी कहा कि कर निर्धारण केवल अनुमान, संदेह या अपुष्ट दस्तावेजों के आधार पर नहीं किया जा सकता। करदाता के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने से पहले विभाग को मजबूत और विश्वसनीय सबूत पेश करने होंगे।
इस फैसले को रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए राहत भरा माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय करदाताओं के अधिकारों की रक्षा करेगा और आयकर विभाग को निष्पक्ष व कानूनी प्रक्रिया अपनाने के लिए बाध्य करेगा।