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भारत-ईयू FTA: क्या यूरोपियन लग्जरी कारें अब भारत में सस्ती होंगी?

Economy  •  👁 19 views  •  28 Jan 2026
भारत-ईयू FTA: क्या यूरोपियन लग्जरी कारें अब भारत में सस्ती होंगी?
हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत तेज़ हुई है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच ट्रेड को बढ़ाना और आयात-निर्यात शुल्क घटाना है। खासकर ऑटोमोबाइल सेक्टर में यह समझौता काफी चर्चा में है क्योंकि इससे यूरोपियन लग्जरी कारों की कीमतों में बदलाव आ सकता है।
वर्तमान में भारत में यूरोपियन कारों पर उच्च कस्टम ड्यूटी लगती है, जिससे मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू, ऑडी और पोर्श जैसी ब्रांड्स महंगी हो जाती हैं। अगर FTA लागू होता है, तो इन कारों पर शुल्क में कटौती हो सकती है। इसका सीधा असर होगा कि लग्जरी कारें भारत में सस्ती और ग्राहकों के लिए अधिक किफायती हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि FTA केवल ऑटो सेक्टर तक सीमित नहीं होगा। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा और वाइन जैसे कई उत्पादों की कीमतों में भी कमी की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक लाभ मिलने में समय लग सकता है क्योंकि FTA पर अंतिम हस्ताक्षर और कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए यह अवसर नई मार्केट रणनीतियों और निवेश योजनाओं का संकेत भी है। वे भारत में अपने उत्पादन और बिक्री नेटवर्क को मजबूत कर सकते हैं, ताकि आयात शुल्क कम होने के बाद अधिक ग्राहकों तक पहुंचा जा सके।
हालांकि, विशेषज्ञों ने यह चेतावनी भी दी है कि मूल्य कटौती का असर हर कार मॉडल पर समान नहीं होगा। यह मुख्य रूप से उन मॉडलों पर दिखाई देगा जिन पर वर्तमान में सबसे अधिक आयात शुल्क लगता है।
संक्षेप में, भारत-ईयू FTA लागू होने पर लग्जरी कारों की कीमतों में कमी की संभावना है, लेकिन यह पूरी तरह लागू होने के बाद ही स्पष्ट रूप से देखी जा सकेगी।