The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

JJM फंड पर सरकार की सख्ती: 15 दिन लगातार पानी की सप्लाई के बाद ही राज्यों को मिलेगा जल जीवन मिशन का पैसा

National  •  👁 19 views  •  28 Jan 2026
JJM फंड पर सरकार की सख्ती: 15 दिन लगातार पानी की सप्लाई के बाद ही राज्यों को मिलेगा जल जीवन मिशन का पैसा
केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन (JJM) के तहत राज्यों को मिलने वाले फंड को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब राज्यों को JJM का अगला फंड तभी जारी किया जाएगा, जब वे कम से कम 15 दिन तक लगातार घर-घर पानी की सप्लाई सुनिश्चित करेंगे। इस फैसले का उद्देश्य कागज़ी दावों के बजाय जमीनी स्तर पर वास्तविक जल आपूर्ति को बढ़ावा देना है।
जल जीवन मिशन का लक्ष्य देश के हर ग्रामीण परिवार को नल से जल उपलब्ध कराना है। हालांकि, केंद्र सरकार की समीक्षा में यह सामने आया कि कई राज्यों में नल कनेक्शन तो दे दिए गए हैं, लेकिन पानी की आपूर्ति नियमित और सतत नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह नया नियम लागू करने का निर्णय लिया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, अब राज्यों को यह साबित करना होगा कि जिन गांवों में नल कनेक्शन दिए गए हैं, वहां कम से कम 15 दिनों तक लगातार पानी की सप्लाई हुई है। इसके लिए डिजिटल डैशबोर्ड, फील्ड रिपोर्ट और सैंपल जांच के जरिए निगरानी की जाएगी। सत्यापन के बाद ही केंद्र की ओर से फंड जारी किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस कदम से राज्यों पर जवाबदेही बढ़ेगी और जल आपूर्ति से जुड़ी परियोजनाओं में गुणवत्ता सुधार होगा। साथ ही, यह व्यवस्था उन राज्यों पर दबाव बनाएगी जो केवल आंकड़ों में लक्ष्य पूरा दिखा रहे हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत अलग है।
हालांकि, कुछ राज्यों ने इस शर्त को व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण बताया है, खासकर उन इलाकों में जहां भूजल स्तर कम है या बुनियादी ढांचा कमजोर है। इसके बावजूद केंद्र सरकार का कहना है कि सतत जल आपूर्ति ही मिशन की असली सफलता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला जल जीवन मिशन को परिणाम-आधारित योजना बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे ग्रामीण भारत में लोगों को वास्तव में स्वच्छ और नियमित पानी मिल सकेगा।