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बिग पिक्चर: गाजर की कहानी — कैसे एक पूर्व फौजी ने सिकंदराबाद को इस फसल का हब बना दिया

National  •  👁 8 views  •  28 Jan 2026
बिग पिक्चर: गाजर की कहानी — कैसे एक पूर्व फौजी ने सिकंदराबाद को इस फसल का हब बना दिया
सिकंदराबाद, जो कभी सिर्फ सैन्य छावनी और शहरी पहचान के लिए जाना जाता था, आज गाजर की खेती के लिए एक नई मिसाल बन चुका है। इस बदलाव के पीछे कहानी है एक पूर्व फौजी की, जिसने अनुशासन, मेहनत और आधुनिक खेती की सोच से पूरे इलाके की कृषि तस्वीर बदल दी।
सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद, इस पूर्व फौजी ने खेती को अपना नया मिशन बनाया। शुरुआत में चुनौतियाँ कम नहीं थीं—मिट्टी की गुणवत्ता, बाजार तक पहुंच और स्थानीय किसानों का भरोसा जीतना। लेकिन सैन्य जीवन में सीखी गई रणनीति और धैर्य ने उन्हें पीछे नहीं हटने दिया। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से मिट्टी की जांच कराई, उन्नत बीजों का चयन किया और ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाया।
गाजर की खेती को उन्होंने सिर्फ एक फसल नहीं, बल्कि एक मॉडल के रूप में विकसित किया। सही समय पर बुवाई, जैविक खाद का प्रयोग और फसल के बाद बेहतर भंडारण व्यवस्था ने उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार किया। इसका नतीजा यह हुआ कि सिकंदराबाद की गाजर न सिर्फ स्थानीय मंडियों में, बल्कि आसपास के जिलों में भी पहचान बनाने लगी।
सबसे अहम बात यह रही कि उन्होंने अन्य किसानों को भी इस सफलता का हिस्सा बनाया। प्रशिक्षण शिविर, खेत पर डेमो और मार्केट लिंकज के जरिए कई छोटे किसान गाजर की खेती से जुड़ गए। इससे इलाके में रोजगार बढ़ा और किसानों की आय में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ।
आज सिकंदराबाद गाजर उत्पादन के एक उभरते हब के रूप में जाना जा रहा है। यह कहानी सिर्फ खेती की नहीं, बल्कि यह दिखाती है कि सही सोच, अनुशासन और नवाचार से कोई भी व्यक्ति ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है। एक पूर्व फौजी की यह पहल देश के युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।