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‘मराठी मुलगी’ ने कनाडाई नागरिकता शपथ के लिए नऊवारी साड़ी पहनी; कहा — ‘अपनी जड़ों को ज़िंदा रख रही हूँ’

National  •  👁 11 views  •  27 Jan 2026
‘मराठी मुलगी’ ने कनाडाई नागरिकता शपथ के लिए नऊवारी साड़ी पहनी; कहा — ‘अपनी जड़ों को ज़िंदा रख रही हूँ’
कनाडा में रहने वाली मराठी मूल की महिला दिव्या लोतिकर ने जब कनाडाई नागरिकता की शपथ ली, तो उन्होंने इस ख़ास मौके पर परंपरागत नऊवारी साड़ी, नथ और सादे बिन्दी के साथ शपथ कार्यक्रम में भाग लिया — यह फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। उन्होंने यह निर्णय इसलिए लिया कि *वह जहां भी रहे, अपनी मूल संस्कृतिक पहचान और जड़ों को नहीं भूलें।

दिव्या ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि आज उनके जीवन का यह क्षण बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नऊवारी साड़ी — जो महाराष्ट्र में पारंपरिक रूप से पहनी जाती है और ऐतिहासिक रूप से महिला योद्धाओं और कामगारों की साड़ी शैली रही है — उनके लिए शक्ति, सम्मान, धैर्य और निरंतरता का प्रतीक है। इस कपड़े को पहनकर शपथ लेना उनके लिए मेहनत, अनुकूलन और दृढ़ संकल्प का प्रतीक रहा।
शपथ बाद दिव्या ने अपने कनाडाई नागरिकता प्रमाणपत्र के साथ तस्वीरें साझा कीं और लिखा, “जहाँ मैं हूँ, उस पर मुझे गर्व है, लेकिन मैं नहीं भूलती कि मैं कहाँ से आई हूँ — अपनी जड़ों को ज़िंदा रखना मेरे लिए गर्व की बात है।”
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएँ मिली‑जुली हैं। कई लोगों ने दिव्या की ऐतिहासिक परंपरा और उपलब्धि को एक साथ दिखाने वाले इस निर्णय की सराहना की और कहा कि यह एक सुंदर संदेश है कि आप अपनी सांस्कृतिक पहचान को अपनाते हुए नई जीवन की शुरुआत भी कर सकते हैं। कुछ ने कहा, “परंपरा और उपलब्धि — एक ही फ्रेम में।”
हालाँकि कुछ लोगों ने सवाल भी उठाए कि औपचारिक शपथ समारोह में पारंपरिक पोशाक पहनना कितना उपयुक्त है, लेकिन कई ने इसे वैश्विक नागरिकता और सांस्कृतिक गर्व के बीच सुंदर संतुलन का प्रतीक बताया।
नऊवारी साड़ी, जो नौ गज की होती है और घुटनों के बीच से पारंपरिक ढंग से लपेटी जाती है, महाराष्ट्र की संस्कृति की पहचान मानी जाती है। इसे पहना जाना उस व्यक्ति के लिए गर्व, स्वतंत्रता और अपनी जड़ों के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जाता है — और दिव्या के इस कदम ने यह भावना और भी जीवंत कर दी है।