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उत्तराखंड हाई कोर्ट: मानवीय लापरवाही में ‘दैवीय घटना’ का बचाव कमजोर, मुआवज़ा बरकरार

Crime   •   👁 28 views   •   26 Jan 2026
उत्तराखंड हाई कोर्ट: मानवीय लापरवाही में ‘दैवीय घटना’ का बचाव कमजोर, मुआवज़ा बरकरार
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने हाल ही में एक मामले में मुआवज़े के फैसले को बरकरार रखा और यह स्पष्ट किया कि जब किसी घटना में मानवीय लापरवाही शामिल हो जाती है, तो इसे केवल ‘दैवीय घटना’ कहकर मुआवज़े से बचना मुश्किल हो जाता है।
मामले में एक प्राकृतिक आपदा के दौरान हुए हादसे में नुकसान हुआ था, और जिम्मेदार पक्ष ने दावा किया कि यह एक दैवीय घटना थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने मामले की जांच के दौरान पाया कि हादसे में मानवीय त्रुटि और प्रशासनिक लापरवाही भी शामिल थी। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में प्रभावित पक्ष को मुआवज़ा देना न्यायिक दृष्टि से सही है।
न्यायालय ने यह भी जोर दिया कि प्राकृतिक आपदाओं और आकस्मिक घटनाओं को समझना आवश्यक है, लेकिन यदि हादसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, नियोजन में कमी या लापरवाही पाई जाती है, तो इसे सिर्फ ‘दैवीय घटना’ कहकर जिम्मेदारी से बचना न्यायसंगत नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला नागरिक सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण उदाहरण है। अदालत ने यह संदेश दिया कि सरकारी और निजी संस्थाओं को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते समय सतर्क और जागरूक रहना चाहिए।
उत्तराखंड हाई कोर्ट का यह निर्णय यह भी स्पष्ट करता है कि मानवीय त्रुटि को नजरअंदाज कर प्राकृतिक आपदा का हवाला देना न्यायिक सुरक्षा नहीं देता, और प्रभावित व्यक्ति के हक में मुआवज़ा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।