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क्या असफल लिव-इन रिलेशनशिप से रेप का आरोप लगाया जा सकता है? इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख

Crime   •   👁 19 views   •   26 Jan 2026
क्या असफल लिव-इन रिलेशनशिप से रेप का आरोप लगाया जा सकता है? इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख
हाल ही में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले में स्पष्ट किया है कि असफल लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर किसी पर स्वतः रेप का आरोप नहीं लगाया जा सकता। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी यौन संबंध में सहमति होना और कानूनी प्रावधानों का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मामले में एक महिला ने अपने साथी के खिलाफ रेप का आरोप लगाया था, जबकि आरोपी ने कहा कि यह एक स्वेच्छा से शुरू किया गया लिव-इन रिलेशनशिप था। हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट किया कि यदि किसी रिश्ते में यौन संबंध की सहमति पहले से मौजूद थी, तो रिश्ते के असफल होने या टूटने के बाद स्वतः रेप का आरोप नहीं लगाया जा सकता।
कोर्ट ने यह भी कहा कि कानूनी प्रक्रिया और सबूत किसी भी यौन अपराध के आरोप के निर्धारण में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। केवल व्यक्तिगत संबंध या विवाद के आधार पर गंभीर अपराध का आरोप नहीं लगाया जा सकता। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला समानता और न्याय की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह यौन अपराध के मामलों में सतर्कता और प्रमाणिकता की जरूरत को उजागर करता है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यह उदाहरण देकर बताया कि कानून सहमति और साक्ष्यों पर आधारित है, न कि केवल रिश्तों की असफलता या निजी झगड़े पर। अदालत ने यह भी सुझाव दिया कि लिव-इन पार्टनर होने के नाते दोनों पक्षों को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहना चाहिए।
इस निर्णय से स्पष्ट है कि कानून किसी भी व्यक्तिगत रिश्ते के टूटने को अपराध नहीं मानता, और हर आरोप का मूल्यांकन तथ्य और सहमति के आधार पर ही होगा।