The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 “अकोला के जावेद हिदायत पटेल बने महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस के महासचिव, जिले में खुशी की लहर”     🔴 अकोला के मुसैब इकबाल ने किया नाम रोशन, बी.ई. सिविल में प्रथम श्रेणी से सफलता हासिल     🔴 सावधान! पुराने मोबाइल के बदले नए बर्तन का लालच पड़ सकता है भारी: बिहार में अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश     🔴 गांव की बेटियों के सपनों को मिला मंच: रविकिरण हेलगे और सजावर सर का सपना हो रहा साकार”     🔴 ग्रासरूट स्तर पर खिलाड़ियों की तैयारी को सुदृढ़ करे : रामपाल मान द्रोणाचार्य अवार्डी     🔴 स्थायी समिति सभापति बनने पर विजय अग्रवाल का भव्य सत्कार, Spoton Global Group ने दी शुभकामनाएं     🔴 राष्ट्रपति की मौजूदगी में अकोला ने रचा इतिहास, डॉ. सुधीर ढोने को Spoton Global Group ने किया सत्कार     🔴 Spoton Global Group द्वारा नवनिर्वाचित पार्षद व विरोधी पक्ष नेता डॉ. जीशान हुसैन का सत्कार, अकोला के शिक्षा व स्वास्थ्य विकास पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा”     🔴 महिला शक्ति को सलाम: स्पॉटन ग्लोबल ग्रुप का प्रेरणादायी महिला दिवस आयोजन     🔴 छोटे से हाथरूण में बड़ा बदलाव: एडवोकेट सिबगतुल्लाह जगीरदार की पहल से शुरू हुआ Spoton Courses    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

सावधान! पुराने मोबाइल के बदले नए बर्तन का लालच पड़ सकता है भारी: बिहार में अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश

Crime   •   👁 157 views   •   03 Apr 2026
सावधान! पुराने मोबाइल के बदले नए बर्तन का लालच पड़ सकता है भारी: बिहार में अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश
बिहारशरीफ/गया:
अगर आप भी घर आए फेरीवालों को पुराने या खराब मोबाइल देकर नए बर्तन खरीद रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। बिहार और उत्तर प्रदेश की पुलिस ने एक ऐसे बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो पुराने मोबाइल फोन के मदरबोर्ड निकालकर उन्हें चीन और बांग्लादेश के साइबर अपराधियों को बेच रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के सरगना इस्तार आलम को कटिहार से गिरफ्तार कर लिया है।
​कैसे काम करता था यह गिरोह?
​यह गिरोह मुख्य रूप से मोहल्लों में घूम-घूम कर 'पुराने मोबाइल के बदले नए बर्तन' देने का ऑफर देता था। लोग इसे एक साधारण डील समझकर अपने पुराने फोन थमा देते थे। गिरोह के सदस्य इन फोन को इकट्ठा कर कटिहार भेजते थे, जहाँ इस्तार आलम इनका मदरबोर्ड निकालकर विदेशों में मौजूद साइबर ठगों को सप्लाई करता था।
​करोड़ों का कारोबार और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
​जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के तार कंबोडिया, मलेशिया और म्यांमार के साइबर स्कैम केंद्रों से जुड़े हुए हैं।
​डेटा चोरी का खतरा: साइबर अपराधी इन मदरबोर्ड से पुराना डेटा रिकवर करते हैं और उसका इस्तेमाल ठगी के लिए करते हैं।
​बड़ी बरामदगी: हाल ही में यूपी पुलिस ने एक ट्रक से करीब 1 करोड़ 11 लाख 605 रुपये मूल्य के मोबाइल फोन और 8 बाइक जब्त की थीं।
​अवैध संपत्ति: गिरफ्तार आरोपी के बैंक खातों से पिछले दो सालों में करीब 45 लाख रुपये के लेनदेन का पता चला है। पुलिस अब इसकी करोड़ों की बेनामी संपत्ति का आकलन कर रही है।
​भास्कर नॉलेज: पुराना फोन बेचते समय इन बातों का रखें ध्यान
​पुलिस और विशेषज्ञों ने नागरिकों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि वे कानूनी पचड़ों और ठगी से बच सकें:
​पहचान सुनिश्चित करें: अपना फोन बेचने से पहले हमेशा खरीदार का आधार कार्ड और पता नोट करें।
​लिखित रसीद लें: फोन बेचते समय बिक्री की तारीख और फोन के IMEI नंबर का उल्लेख करते हुए एक लिखित रसीद जरूर मांगें।
​डेटा डिलीट करें: फोन देने से पहले उसे 'फैक्ट्री रिसेट' जरूर करें, लेकिन ध्यान रहे कि पेशेवर ठग रिसेट डेटा भी निकाल सकते हैं, इसलिए विश्वसनीय प्लेटफॉर्म पर ही फोन बेचें।
​रिकॉर्ड रखें: आपने अपना फोन किसे और कब बेचा, इसका रिकॉर्ड संभाल कर रखें। यदि भविष्य में उस फोन का दुरुपयोग होता है, तो यह रिकॉर्ड आपको कानूनी परेशानी से बचा सकता है।
​सावधानी ही बचाव है। किसी अनजान फेरीवाले को अपना डिजिटल डेटा (पुराना फोन) सौंपना भारी जोखिम भरा हो सकता है।