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खेलों में शीर्ष पर पहुंचने के लिए भारत को प्रदूषण चुनौती का सामना करना होगा

Sports  •  👁 16 views  •  26 Jan 2026
खेलों में शीर्ष पर पहुंचने के लिए भारत को प्रदूषण चुनौती का सामना करना होगा
भारत को खेलों में सर्वोच्चता हासिल करने के अपने लक्ष्य के लिए प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौती का सामना करना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और प्रदर्शन को सीधे प्रभावित कर रहे हैं। उच्च स्तर के खेल प्रशिक्षण और प्रतियोगिता में यह एक गंभीर बाधा बन सकता है।
वायु प्रदूषण के कारण खिलाड़ियों में फेफड़ों की क्षमता और सहनशक्ति पर नकारात्मक असर पड़ता है। वहीं, जल और ध्वनि प्रदूषण से न केवल स्वास्थ्य जोखिम बढ़ते हैं, बल्कि मानसिक फोकस और प्रशिक्षण की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिस्पर्धा की तैयारियों को कमजोर कर सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खेल संगठनों और सरकार को मिलकर प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। खेल परिसर, प्रशिक्षण केंद्र और स्टेडियमों के आसपास साफ़-सुथरी और सुरक्षित पर्यावरण की उपलब्धता खिलाड़ियों की दक्षता और स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन बढ़ाने के लिए भारत को समान रूप से पर्यावरणीय सुधार और खेल प्रशिक्षण पर ध्यान देना होगा। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि शिक्षा और जागरूकता अभियानों के माध्यम से खिलाड़ियों, कोच और प्रशासकों को प्रदूषण के प्रभाव और सुरक्षा उपायों के प्रति संवेदनशील किया जा सकता है।
इस तरह, यदि भारत खेलों में शीर्ष स्थान प्राप्त करना चाहता है, तो प्रदूषण की चुनौती को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण ही खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन और दीर्घकालिक सफलता दिला सकता है।