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गणतंत्र दिवस पर मांस, अंडे की बिक्री पर रोक लगाने के ओडिशा कलेक्टर के ‘फरमान’ से विवाद शुरू

National  •  👁 13 views  •  24 Jan 2026
गणतंत्र दिवस पर मांस, अंडे की बिक्री पर रोक लगाने के ओडिशा कलेक्टर के ‘फरमान’ से विवाद शुरू
यह ओडिशा के कोरापुट जिले में 77वें गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026) के मौके पर जिले के कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट मनोज सत्यवान महाजन द्वारा जारी आदेश को लेकर बड़ा विवाद शुरू हो गया है। प्रशासन ने **गणतंत्र दिवस के दिन मांस, चिकन, मछली, अंडे और अन्य नॉन‑वेज खाद्य पदार्थों की बिक्री पर एक एक‑दिन का प्रतिबंध लगाने का फरमान जारी किया है।
आदेश के तहत सभी तहसीलदारों, ब्लॉक डेवलपमेंट अधिकारियों और कार्यकारी अधिकारियों को अपने‑अपने इलाकों में आधिकारिक अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया गया है ताकि 26 जनवरी को नॉन‑वेज आइटम्स की बिक्री पर रोक सख्ती से लागू हो सके। प्रशासन का कहना है कि यह कदम गणतंत्र दिवस समारोह को गरिमामय, शांतिपूर्ण और सम्मानजनक तरीके से मनाने के मकसद से उठाया गया है।
कलेक्टर कार्यालय के पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि आदेश केवल एक दिन के लिए लागू होगा और इससे गणतंत्र दिवस के आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने दुकानदारों और नागरिकों से सहयोग की अपील भी की है ताकि नियम का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
हालाँकि इस निर्णय के बाद स्थानीय स्तर पर विवाद और प्रतिक्रियाएँ भी सामने आने लगी हैं। कई लोगों का तर्क है कि गणतंत्र दिवस एक राष्ट्रीय त्योहार है, न कि कोई धार्मिक उत्सव, इसलिए खाद्य विकल्पों पर प्रतिबंध लगाना संविधान द्वारा प्रतिपादित व्यक्ति की आज़ादी और समानता के अधिकारों के खिलाफ हो सकता है। आलोचकों के मुताबिक इस तरह के प्रतिबंध से न सिर्फ व्यक्तिगत पसंद को सीमित किया जाता है, बल्कि खुदरा विक्रेताओं और स्थानीय व्यापारियों को भी आर्थिक रूप से नुकसान पहुँच सकता है।
वहीं समर्थक यह मानते हैं कि राष्ट्रीय पर्व पर विशेष शांति और अनुशासन का संदेश देना आवश्यक है और इसके लिए यह प्रशासनिक निर्णय उचित है। इस विवाद के बीच यह देखना बाकी है कि आदेश का पालन जमीन पर कैसे होता है और क्या इसके उल्लंघन पर प्रशासन कोई कार्रवाई करता है या नहीं।