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तेलंगाना में आवारा कुत्तों को मारने के और मामले सामने आए, एक ही जगह पर 300 कुत्ते दफ़नाए हुए मिले

National  •  👁 9 views  •  24 Jan 2026
तेलंगाना में आवारा कुत्तों को मारने के और मामले सामने आए, एक ही जगह पर 300 कुत्ते दफ़नाए हुए मिले
तेलंगाना से पशु अधिकारों और कानून की निंदा करने वाली एक और disturbing खबर सामने आई है, जहाँ जगतियाल जिले के पेगडापल्ली गांव में करीब 300 आवारा कुत्तों के शव एक साथ दफ़नाए पाए गए हैं। आरोप है कि इन कुत्तों को ज़हर देकर हत्या की गई और फिर उन्हें एक बड़े गड्ढे में गाड दिया गया। पुलिस ने इस घटना के संबंध में गाँव के सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और जांच जारी है।
ये घटना अकेली नहीं है। जनवरी के महीने में तेलंगाना के कई अन्य गांवों में भी बड़े पैमाने पर आवारा कुत्तों के कत्लेआम के आरोप लगे हैं। कामरेड्डी और हनमकोंडा जिलों से भी सैकड़ों कुत्तों के मरने और दफ़न किए जाने के मामले रिपोर्ट किए गए हैं, जिनमें कई सरपंचों और स्थानीय अधिकारियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए हैं।
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह अमानवीय कृत्य कानून का उल्लंघन है और इससे राज्य में आवारा जानवरों के प्रति संवेदनशीलता का अभाव दिखता है। विवाद यह भी है कि कई बार स्थानीय चुनावों के दौरान या उसके बाद, अधिकारियों ने “कुत्तों के समस्या से छुटकारा” का वादा किया था, जिसे पूरा करने के लिए कथित तौर पर ऐसे कदम उठाए गए।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस हत्या का वास्तविक कारण क्या था और किसने इसे अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है और शवों के पोस्ट‑मॉर्टम तथा फोरेंसिक जांच भी करवाई जा रही है।
इस पूरे मामले ने न केवल लोकल समुदाय बल्कि पशु प्रेमियों और अधिकार संगठनों में भी गहरा आक्रोश पैदा किया है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आवारा जानवरों की समस्या का समाधान मानवता और विज्ञान के अनुरूप कैसे किया जाए, ना कि हत्या जैसे अमानवीय तरीकों से।