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केंद्र ने पारदर्शिता और एकरूपता बढ़ाने के लिए IAS, IPS, IFoS के लिए कैडर आवंटन नीति में बदलाव किया

National  •  👁 57 views  •  24 Jan 2026
केंद्र ने पारदर्शिता और एकरूपता बढ़ाने के लिए IAS, IPS, IFoS के लिए कैडर आवंटन नीति में बदलाव किया
केंद्र सरकार ने IAS, IPS और IFoS जैसी प्रमुख अखिल भारतीय सेवाओं के कैडर आवंटन (Cadre Allocation Policy) में बड़े बदलाव किए हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता, न्यायसंगतता और एकरूपता सुनिश्चित करना है, ताकि नौकरशाही में अधिकारी समान अवसरों के आधार पर नियुक्त हों और प्रक्रिया पूरी तरह स्पष्ट और निष्पक्ष हो। नई नीति पुराने राज्य-आधारित कैडर आवंटन ढांचे से हटकर अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से सुव्यवस्थित प्रणाली पेश करती है।
नई नीति के अनुसार पूरे देश को विभिन्न जोनों (zones) में विभाजित किया गया है। उम्मीदवार अपनी प्राथमिकताओं और योग्यता के आधार पर जोनों या कैडरों का चयन कर सकते हैं। आवंटन प्रक्रिया अब केवल राज्य प्राथमिकताओं पर निर्भर नहीं होगी, बल्कि इसमें रिक्तियों, चयन क्रम और राष्ट्रीय संतुलन को भी ध्यान में रखा जाएगा। इस बदलाव से अधिकारी देश के अलग-अलग हिस्सों में सेवा अनुभव प्राप्त करेंगे और विभिन्न प्रशासनिक परिस्थितियों में बेहतर निर्णय क्षमता विकसित कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से भेदभावपूर्ण प्राथमिकताओं और व्यक्तिगत प्रभाव को कम किया जा सकेगा। अधिकारी अब अपने करियर के लिए समान अवसर प्राप्त करेंगे और कैडर वितरण में पारदर्शिता और न्यायसंगतता सुनिश्चित होगी। यह कदम विशेष रूप से उन परिवारों और क्षेत्रों के अधिकारियों के लिए लाभकारी होगा जो पिछली नीति में असंतुलित आवंटन का सामना कर सकते थे।
केंद्रीय मंत्रालय ने कहा है कि इस नीति का उद्देश्य न केवल कैडर आवंटन में सुधार, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रशासनिक दक्षता और संतुलन बढ़ाना भी है। इससे अधिकारी व्यापक अनुभव और कौशल प्राप्त करेंगे, जिससे देश की प्रशासनिक मशीनरी मजबूत और अधिक उत्तरदायी बनेगी।
संक्षेप में, यह बदलाव केंद्र सरकार की प्रशासनिक सुधार पहलों का हिस्सा है, जो नौकरशाही में पारदर्शिता, समान अवसर और एकरूपता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।