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केंद्र ने IAS, IPS और IFoS के लिए कैडर आवंटन नीति में बदलाव किया — पारदर्शिता और निरंतरता पर जोर

National  •  👁 3 views  •  24 Jan 2026
 केंद्र ने IAS, IPS और IFoS के लिए कैडर आवंटन नीति में बदलाव किया — पारदर्शिता और निरंतरता पर जोर
भारत सरकार ने आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और आईएफओएस (IFoS) जैसी अखिल भारतीय सेवाओं के कैडर आवंटन (cadre allocation) नीति में सुधार कर पारदर्शिता और निरंतरता बढ़ाने का कदम उठाया है। यह बदलाव उन नियमों को और स्पष्ट बनाता है जिनके तहत इन प्रतिष्ठित नौकरशाहों को उनके कार्यक्षेत्र (राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों या जोड़ों में) में तैनाती के लिए कैडर आवंटित किया जाता है।
कैडर नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सेवा के शुरुआती शुरूआती चरण से ही अधिकारी को दी गई प्राथमिकताएँ, स्थानीय आवश्यकताएँ और राष्ट्रीय उपयोगिता के बीच संतुलन स्थापित हो। इस नीति के अनुसार, IAS/IPS/IFoS अधिकारियों के लिए राज्यों को अलग‑अलग जोनों में विभाजित करके कैडर प्राथमिकताएँ देने की प्रणाली अपनाई जाती है। इसमें अधिकारी पहले अपनी पसंद के ज़ोन का चयन करते हैं और उसके बाद हर ज़ोन में एक‑एक कैडर को प्राथमिकता के क्रम में चुनते हैं।
केंद्रीय सरकार की नई पहल का मुख्य लक्ष्य निरंतरता और पारदर्शिता बढ़ाना है — ताकि अधिकारी की कैडर अवलोकन प्रक्रिया में सबसे उपयुक्त पदस्थापन सुनिश्चित किया जा सके और इससे नौकरशाही में कौशल और नेतृत्व भूमिकाओं का बेहतर संतुलन आए। इस बदलाव से यह भी उम्मीद है कि UPSC के परिणाम और कैडर आवंटन प्रक्रिया के बीच स्पष्टता और संरेखण बेहतर होगा, जिससे उम्मीदवारों को अधिक पूर्वानुमान‑योग्य परिणाम मिलेंगे।
इस नीति परिवर्तन का प्राथमिक फायदा यह होगा कि राज्यों और केंद्र दोनों में अधिकारी की भूमिका को व्यवस्थित रूप से सुव्यवस्थित किया जा सके। नीति बदलाव से अधिकारियों को उनके कैडर में नई स्थिरता और सेवा की स्पष्टता मिलती है, जिससे वे लंबी अवधि के प्रशासनिक कार्यों और परियोजनाओं में बेहतर परिणाम देने में सक्षम होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम नौकरशाही में व्यवस्थित अनुपालन, करियर योजना और प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करेगा और अधिकारियों के लिए भविष्य की तैनातियों में स्पष्ट मार्गदर्शक ढांचा तैयार करेगा। यह कदम न केवल सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रशासनिक एकता और संतुलन को भी मजबूती देगा।
📌 निष्कर्ष: केंद्र सरकार ने IAS/IPS/IFoS कैडर नीति में किए गए संशोधनों से पारदर्शिता, निरंतरता और योजना‑बद्ध कैडर आवंटन पर जोर दिया है — जिससे अधिकारियों के कैरियर और प्रशासनिक कार्यों में एक सतत और स्पष्ट ढांचा विकसित होगा।