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इस साल आ रहा है हाउसलिस्टिंग जनगणना: इंटरनेट, खाना पकाने के ईंधन और कई अहम सवाल आपसे पूछे जाएंगे

National  •  👁 14 views  •  24 Jan 2026
 इस साल आ रहा है हाउसलिस्टिंग जनगणना: इंटरनेट, खाना पकाने के ईंधन और कई अहम सवाल आपसे पूछे जाएंगे
2027 की जनगणना (Census 2027) की तैयारी जोरों पर है और केंद्र सरकार ने इसके पहले चरण यानी हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना के लिए 33 सवालों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। यह चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच संपन्न होगा और इसमें हर घर से विस्तार से जानकारी एकत्र की जाएगी।
इन सवालों में केवल मकान की स्थिति ही नहीं, बल्कि लोगों के रोज़मर्रा के जीवन से जुड़ी सुविधाओं पर भी प्रश्न शामिल हैं। जैसे कि घर में इंटरनेट तक पहुंच है या नहीं, स्मार्टफोन या कंप्यूटर का उपयोग, और खाना पकाने में मुख्य ईंधन (LPG/PNG या अन्य) क्या इस्तेमाल होता है। इसके अलावा पीने के पानी, बिजली, बाथरूम, रसोई सुविधा और अनाज के मुख्य प्रकार जैसी जानकारियाँ भी पूछी जाएँगी।
गृह सूचीकरण के दौरान घर का निर्माण सामग्री, रहने वाले लोगों की संख्या, घर का मालिकाना हक, और रहने की शर्तें भी दर्ज की जाएँगी। इससे नीति‑निर्माताओं को नागरिकों की वास्तविक जीवन‑स्तर और बुनियादी सुविधाओं को समझने में मदद मिलेगी।
विशेष रूप से, यह पहली बार है जब भारत की तकनीकी और जीवन‑शैली से जुड़े डेटा जैसे इंटरनेट एक्सेस और मोबाइल/स्मार्टफोन उपयोग को भी जनगणना में शामिल किया जा रहा है, जो डिजिटल युग के अनुरूप अपडेट की गई जानकारी देगा।
ये सवाल नागरिकों के जीवन की व्यापक तस्वीर पेश करेंगे, जिससे सरकार बेहतर योजनाएँ और संसाधन वितरण यथार्थ पर आधारित कर सकेगी। उदाहरण के लिए, पता चलेगा कि कितने घरों में साफ खाना पकाने के ईंधन का उपयोग हो रहा है, कितने घर डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़े हैं और बुनियादी सुविधाओं की पहुंच कितनी व्यापक है।
जनगणना का यह हाउसलिस्टिंग चरण देश की सामाजिक‑आर्थिक नीतियों को अधिक प्रभावी और डाटा‑संचालित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।