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कंबोडिया के साइबर डेंस से बिहार के भोजपुर तक: 20,000 कॉल्स में उजागर हुआ अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क

Crime  •  👁 11 views  •  24 Jan 2026
कंबोडिया के साइबर डेंस से बिहार के भोजपुर तक: 20,000 कॉल्स में उजागर हुआ अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क
डिजिटल युग में साइबर अपराध की जड़ें अब सिर्फ बड़े शहरों या तकनीकी हब तक सीमित नहीं रहीं। कंबोडिया के साइबर डेंस से लेकर बिहार के भोजपुर जिले के एक छोटे से गांव तक फैली 20,000 कॉल्स की यह कहानी अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के खतरनाक नेटवर्क को उजागर करती है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, कंबोडिया में सक्रिय साइबर डेंस से भारत के ग्रामीण इलाकों को निशाना बनाया जा रहा था। इन कॉल्स के जरिए लोगों को फर्जी लॉटरी, बैंक अपडेट, केवाईसी सत्यापन और डिजिटल अरेस्ट जैसे बहानों में फंसाया गया। भोजपुर का यह गांव, जहां इंटरनेट और स्मार्टफोन हाल के वर्षों में ही पहुंचे हैं, साइबर ठगों के लिए आसान शिकार बन गया।
करीब 20,000 कॉल रिकॉर्ड्स के विश्लेषण से पता चला कि ठगी का यह नेटवर्क बेहद संगठित था। कॉल स्क्रिप्ट पहले से तैयार थीं, कॉल करने वालों को बाकायदा ट्रेनिंग दी जाती थी और पैसे को क्रिप्टो व फर्जी खातों के जरिए बाहर भेजा जाता था। स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों को लालच देकर या डराकर इस नेटवर्क से जोड़ा गया।
यह मामला न सिर्फ साइबर सुरक्षा, बल्कि डिजिटल जागरूकता की भी बड़ी चेतावनी है। ग्रामीण भारत में तेजी से बढ़ती कनेक्टिविटी के साथ-साथ साइबर अपराधियों की नजर भी इन्हीं इलाकों पर है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक लोगों को डिजिटल फ्रॉड के तरीकों की सही जानकारी नहीं दी जाएगी, ऐसे मामले बढ़ते रहेंगे।
कंबोडिया से भोजपुर तक फैली यह कहानी दिखाती है कि साइबर अपराध की कोई सीमा नहीं होती। इससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सख्त कानून और सबसे जरूरी — जन जागरूकता — ही सबसे मजबूत हथियार हैं।