The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

‘मेरे लिए, वह हमेशा सलमान हैं’: रचेल एलिजा ग्रिफिथ्स की मेमोइर रशदी सेलिब्रिटी आइकन को इंसान बनाती है

National  •  👁 10 views  •  24 Jan 2026
‘मेरे लिए, वह हमेशा सलमान हैं’: रचेल एलिजा ग्रिफिथ्स की मेमोइर रशदी सेलिब्रिटी आइकन को इंसान बनाती है
हाल ही में प्रकाशित रचेल एलिजा ग्रिफिथ्स की नई मेमोइर ‘रशदी’ ने पाठकों और आलोचकों दोनों का ध्यान आकर्षित किया है। पुस्तक में ग्रिफिथ्स ने न केवल अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए हैं, बल्कि सलमान रशदी जैसे बड़े सेलिब्रिटी आइकन को भी एक इंसान के रूप में सामने लाया है। पुस्तक का सबसे चर्चित कथन है: “मेरे लिए, वह हमेशा सलमान हैं।”
ग्रिफिथ्स की मेमोइर में लिखा है कि बड़े नाम और सार्वजनिक व्यक्तित्व के पीछे भी इंसान की संवेदनाएं, कमजोरियाँ और व्यक्तिगत संघर्ष मौजूद रहते हैं। लेखक ने रशदी के जीवन की चुनौतियों, निजी संघर्षों और सार्वजनिक छवि के बीच के अंतर को संवेदनशील और सजीव तरीके से उजागर किया है।
पुस्तक का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह पाठकों को सेलिब्रिटी के आदर्श और वास्तविक व्यक्तित्व के बीच अंतर समझने का अवसर देती है। ग्रिफिथ्स ने यह दिखाया कि चाहे कोई व्यक्ति कितनी भी प्रसिद्ध क्यों न हो, उसका भी जीवन उतार-चढ़ाव, भावनाएं और व्यक्तिगत संबंध होते हैं।
साहित्य समीक्षकों का मानना है कि ग्रिफिथ्स की लेखनी पाठकों को रशदी के न केवल लेखक और सार्वजनिक व्यक्ति के रूप में बल्कि एक सामान्य इंसान के रूप में भी देखने की क्षमता देती है। यह मेमोइर सेलिब्रिटी संस्कृति और व्यक्तिगत पहचान के बीच संतुलन पर भी सवाल उठाती है।
ग्रिफिथ्स की शैली सरल, स्पष्ट और भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई है, जिससे पाठक आसानी से उनके दृष्टिकोण में खुद को महसूस कर सकते हैं। इसके अलावा, पुस्तक में व्यक्तिगत अनुभवों और सामाजिक टिप्पणियों का संतुलित मिश्रण इसे पढ़ने योग्य बनाता है।
कुल मिलाकर, ‘रशदी’ न केवल एक मेमोइर है बल्कि यह सेलिब्रिटी कल्चर और व्यक्तिगत इंसानियत के बीच का पुल भी है, जो पाठकों को सोचने और आत्मनिरीक्षण करने पर मजबूर करता है।