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बजट 2026: 1 फरवरी को पेश करने की परंपरा और समय में बदलाव के कारण

National  •  👁 11 views  •  24 Jan 2026
बजट 2026: 1 फरवरी को पेश करने की परंपरा और समय में बदलाव के कारण
भारत में 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करने की परंपरा के पीछे एक सोची-समझी रणनीति है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। आइए जानते हैं इसके प्रमुख बिंदु:
तारीख बदलने का मुख्य कारण
योजनाओं का समय पर कार्यान्वयन: साल 2017 से पहले बजट फरवरी के अंत (28 या 29 फरवरी) में पेश किया जाता था। इससे संसदीय प्रक्रिया पूरी होने में देरी होती थी और मानसून आने तक नई योजनाएं जमीन पर नहीं उतर पाती थीं।
नया वित्त वर्ष: 1 फरवरी को बजट लाने से सरकार को अप्रैल (नये वित्त वर्ष की शुरुआत) तक सभी विधायी कार्यों को पूरा करने का पर्याप्त समय मिल जाता है, जिससे फंड का आवंटन समय पर हो सके।
ऐतिहासिक बदलाव: पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2017 में इस दशकों पुरानी ब्रिटिश कालीन परंपरा को खत्म किया था।
टैक्सपेयर्स और निवेशकों की उम्मीदें
सेक्शन 80C में राहत: इस बार करदाता और निवेशक आयकर की धारा 80C के तहत निवेश की सीमा में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि बचत को प्रोत्साहन मिले।
मिडिल क्लास को आस: सैलरीड क्लास को उम्मीद है कि मानक कटौती (Standard Deduction) और टैक्स स्लैब में बदलाव के जरिए महंगाई के दौर में कुछ राहत मिलेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास पर जोर
बजट 2026 में सड़क, रेलवे और ग्रामीण विकास जैसे बुनियादी ढांचों पर भारी निवेश की संभावना है।
सरकार का लक्ष्य 'विकसित भारत 2047' की दिशा में कदम बढ़ाते हुए डिजिटल इकोनॉमी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है।