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12 साल बाद किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक में बैलगाड़ी दौड़ की वापसी, परंपरा और उत्साह लौटा

National  •  👁 9 views  •  23 Jan 2026
12 साल बाद किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक में बैलगाड़ी दौड़ की वापसी, परंपरा और उत्साह लौटा
पंजाब के प्रसिद्ध किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक में 12 साल के लंबे अंतराल के बाद बैलगाड़ी दौड़ की भव्य वापसी हुई है। इस पारंपरिक खेल की वापसी से न केवल खिलाड़ियों, बल्कि हजारों दर्शकों में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। किला रायपुर खेलों को “ग्रामीण ओलंपिक” कहा जाता है और यह आयोजन पंजाब की खेल संस्कृति और ग्रामीण परंपराओं का प्रतीक माना जाता है।
बैलगाड़ी दौड़ को पहले पशु अधिकारों और सुरक्षा चिंताओं के कारण बंद कर दिया गया था। लेकिन इस बार प्रशासन और आयोजकों ने सख्त नियमों और सुरक्षा मानकों के साथ इसे दोबारा शुरू किया है। आयोजकों का कहना है कि दौड़ के दौरान बैलों की सेहत, आराम और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया और पशु चिकित्सकों की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
इस प्रतियोगिता में पंजाब के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधानों में सजे किसान और तेज़ रफ्तार से दौड़ती बैलगाड़ियाँ दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं। ग्रामीणों का कहना है कि यह खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि बैलगाड़ी दौड़ की वापसी से ग्रामीण खेलों को नई पहचान मिलेगी और युवाओं में स्थानीय खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी। साथ ही, यह आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बढ़ावा देता है।
किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक में कबड्डी, कुश्ती, एथलेटिक्स जैसे खेलों के साथ बैलगाड़ी दौड़ की वापसी ने यह साबित कर दिया है कि परंपरा और आधुनिक नियमों के संतुलन से सांस्कृतिक खेलों को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है।