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‘राजा बेटा’ को बचाने की कोशिश करने वाली महिला बरी, हाईकोर्ट का अहम फैसला

Crime  •  👁 24 views  •  27 Dec 2025
‘राजा बेटा’ को बचाने की कोशिश करने वाली महिला बरी, हाईकोर्ट का अहम फैसला
उच्च न्यायालय (HC) ने एक अहम फैसले में उस महिला को बरी कर दिया है, जिस पर अपने बेटे—जो एक बलात्कार और हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था—को बचाने की कोशिश करने का आरोप था। मामला सामाजिक सोच और कानूनी जिम्मेदारी के टकराव को उजागर करता है, जहां बेटे को “राजा बेटा” मानने की मानसिकता अक्सर सच को ढकने का कारण बन जाती है।
अभियोजन पक्ष का आरोप था कि महिला ने जांच के दौरान तथ्य छिपाने, भ्रामक बयान देने और अपने बेटे के पक्ष में सबूतों को प्रभावित करने का प्रयास किया। हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा कि केवल रिश्तेदारी या भावनात्मक लगाव के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अदालत के अनुसार, अभियोजन पक्ष महिला के खिलाफ ठोस और निर्णायक साक्ष्य पेश करने में असफल रहा।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून भावनाओं से नहीं, प्रमाणों से चलता है। यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता साबित नहीं होती, तो उसे सजा नहीं दी जा सकती। इस मामले में महिला के खिलाफ लगाए गए आरोप संदेह से परे साबित नहीं हो पाए।
फैसले में अदालत ने समाज को भी संदेश दिया कि अपराध चाहे किसी का भी हो, न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष रहनी चाहिए। साथ ही, यह भी जरूरी है कि परिवार और समाज अपराधियों का बचाव करने के बजाय पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करें।
यह निर्णय न्याय प्रणाली में साक्ष्यों की अहमियत और निष्पक्षता के सिद्धांत को दोहराता है।