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सुप्रीम कोर्ट ने एमटेक ग्रुप के पूर्व डायरेक्टर अरविंद धाम को 25,000 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामले में जमानत दी

Crime  •  👁 7 views  •  06 Jan 2026
सुप्रीम कोर्ट ने एमटेक ग्रुप के पूर्व डायरेक्टर अरविंद धाम को 25,000 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामले में जमानत दी
सुप्रीम कोर्ट ने एमटेक ग्रुप के पूर्व डायरेक्टर अरविंद धाम को 25,000 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामले में जमानत देने का फैसला सुनाया है। यह मामला भारत के सबसे बड़े बैंक फ्रॉड मामलों में से एक माना जा रहा है और लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में है।
अरविंद धाम पर आरोप है कि उन्होंने एमटेक ग्रुप के माध्यम से विभिन्न बैंकों को बड़ी राशि का फ्रॉड किया। इस फ्रॉड के तहत कंपनियों के नाम पर ऋण और अन्य वित्तीय लेन-देन का गलत इस्तेमाल किया गया था। बैंक और जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि इस फ्रॉड में कई करोड़ रुपये का गबन हुआ, जिससे वित्तीय प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचा।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते समय कुछ शर्तें और नियम तय किए हैं। अरविंद धाम को जमानत लेने के लिए सुनिश्चित करना होगा कि वह जांच में पूरी तरह सहयोग करेंगे और जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा नहीं डालेंगे। कोर्ट ने कहा कि जमानत का अर्थ यह नहीं कि आरोप सिद्ध हो गए हैं, बल्कि यह अस्थायी राहत है जब तक जांच और सुनवाई चल रही है।
एमटेक फ्रॉड मामला वित्तीय दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े फ्रॉड मामले वित्तीय संस्थानों की निगरानी और प्रक्रियाओं में सुधार की आवश्यकता को उजागर करते हैं। जमानत मिलने के बाद अरविंद धाम के कानूनी प्रतिनिधि ने कहा कि उनका क्लाइंट पूरी तरह से न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करेंगे और निर्दोष साबित होने का दावा करेंगे।
इस फैसले के बाद वित्तीय जगत और मीडिया में इस मामले को लेकर कई समीक्षाएं और चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सुप्रीम कोर्ट की यह जमानत केवल अस्थायी राहत है, और मुख्य सुनवाई अभी भी चल रही है। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले न केवल कानूनी बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि यह बैंकिंग प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए संकेतक होते हैं।
इस घटना ने फिर से साबित कर दिया है कि बड़े फ्रॉड मामलों में न्यायिक प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है, और जमानत मिलना आरोपी के लिए महत्वपूर्ण राहत का क्षण होता है।