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न्यू उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल: तेलंगाना HC ने याचिकाकर्ता को ज़मीन आवंटन के सरकारी आदेश को चुनौती देने की इजाज़त दी।

Crime  •  👁 19 views  •  05 Jan 2026
न्यू उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल: तेलंगाना HC ने याचिकाकर्ता को ज़मीन आवंटन के सरकारी आदेश को चुनौती देने की इजाज़त दी।
तेलंगाना हाईकोर्ट ने न्यू उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल (New Osmania General Hospital) के निर्माण के लिए जमीन आवंटन से जुड़े मामले में एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को उस सरकारी आदेश (GO) को चुनौती देने की अनुमति दे दी है, जिसके तहत हैदराबाद के गोशामहल क्षेत्र में सरकारी जमीन अस्पताल के लिए आवंटित की गई थी। यह मामला सार्वजनिक हित और शहरी भूमि उपयोग से जुड़ा होने के कारण काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह याचिका एक जनहित याचिका (PIL) के रूप में दायर की गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि सरकार द्वारा जारी किया गया संबंधित सरकारी आदेश पहले सार्वजनिक नहीं किया गया और न ही सूचना के अधिकार (RTI) के तहत उपलब्ध कराया गया। यह आदेश बाद में सरकार की ओर से दायर काउंटर-अफिडेविट में सामने आया, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने इसे सीधे तौर पर चुनौती देने की अनुमति मांगी।

मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली खंडपीठ ने याचिकाकर्ता की दलीलों को स्वीकार करते हुए कहा कि उसे अपनी याचिका में संशोधन कर उस सरकारी आदेश को शामिल करने का अधिकार है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी भूमि आवंटन से जुड़े फैसले में पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया का पालन बेहद जरूरी है, खासकर तब जब मामला बड़े सार्वजनिक प्रोजेक्ट से जुड़ा हो।

याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि जिस भूमि को न्यू उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल के लिए चुना गया है, वह हैदराबाद मास्टर प्लान के तहत खुली जगह या पार्क के रूप में दर्ज है। ऐसे में वहां बड़े अस्पताल का निर्माण पर्यावरणीय नियमों और शहरी नियोजन कानूनों का उल्लंघन हो सकता है। याचिकाकर्ता ने पर्यावरणीय मंजूरियों और वैकल्पिक भूमि की उपलब्धता पर भी सवाल उठाए हैं।

वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि नया अस्पताल मौजूदा उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल की जर्जर स्थिति को देखते हुए जरूरी है और जमीन का आवंटन सभी नियमों के अनुसार किया गया है। सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया है कि परियोजना जनहित में है।

अब इस मामले में अगली सुनवाई में अदालत जमीन आवंटन, सरकारी आदेश की वैधता और भूमि उपयोग नियमों पर विस्तार से विचार करेगी। यह फैसला न सिर्फ इस अस्पताल परियोजना के लिए बल्कि भविष्य में सार्वजनिक भूमि आवंटन से जुड़े मामलों के लिए भी अहम माना जा रहा है।