The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

पुणे में डिजिटल अरेस्ट स्कैम: PFI लिंक का आरोप लगाकर बुजुर्ग से 1 करोड़ रुपये ठगे

Crime  •  👁 39 views  •  02 Jan 2026
पुणे में डिजिटल अरेस्ट स्कैम: PFI लिंक का आरोप लगाकर बुजुर्ग से 1 करोड़ रुपये ठगे
पुणे में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम के जरिए एक बुजुर्ग व्यक्ति से करीब 1 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। आरोप है कि साइबर ठगों ने खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया और उस पर PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से संबंध होने का झूठा आरोप लगाया।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित बुजुर्ग को पहले एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी से जुड़ा अधिकारी बताया। ठग ने कहा कि पीड़ित का नाम एक संदिग्ध लेन-देन और PFI से जुड़े केस में सामने आया है। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए तथाकथित पूछताछ शुरू की गई और बुजुर्ग को बताया गया कि वह “डिजिटल अरेस्ट” में हैं और किसी से संपर्क नहीं कर सकते।
डर और मानसिक दबाव में आए बुजुर्ग से कहा गया कि यदि वे तुरंत जांच में सहयोग नहीं करेंगे तो उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। इसी दौरान ठगों ने बैंक खातों की जानकारी हासिल की और अलग-अलग किस्तों में करीब 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
कुछ दिनों बाद जब परिवार के सदस्यों को इस पूरे मामले की जानकारी मिली, तब जाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुणे साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि ठग अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हो सकते हैं और पैसों के ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं होता। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के जरिए पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहती। ऐसे किसी भी कॉल की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।