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"बॉम्बे हाई कोर्ट ने अबू सलेम को इमरजेंसी पैरोल देने से किया इंकार, 17 लाख रुपये एस्कॉर्ट फीस न देने का दिया हवाला"

Crime  •  👁 9 views  •  05 Feb 2026
"बॉम्बे हाई कोर्ट ने अबू सलेम को इमरजेंसी पैरोल देने से किया इंकार, 17 लाख रुपये एस्कॉर्ट फीस न देने का दिया हवाला"
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कुख्यात गैंगस्टर अबू सलेम को इमरजेंसी पैरोल देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने यह फैसला गैंगस्टर की उस दलील के आधार पर किया कि वह 17 लाख रुपये की हाई सिक्योरिटी एस्कॉर्ट फीस का भुगतान नहीं कर सकता। अबू सलेम की पैरोल अर्जी में उन्होंने अपनी असमर्थता जताई थी, लेकिन कोर्ट ने इसे मान्यता नहीं दी।
सूत्रों के अनुसार, अबू सलेम पर भारतीय कानून के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं और उनकी सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम आवश्यक हैं। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि सुरक्षा संबंधी खर्चों की व्यवस्था करना जरूरी है, और जब तक यह खर्च पूरा नहीं होता, पैरोल देना संभव नहीं है।
अबू सलेम एक समय में भारत का सबसे चर्चित गैंगस्टर था और वह कई गंभीर अपराधों में शामिल रहा है। उनका मामला वर्षों से मीडिया और जनता की नजरों में रहा है, और उनके कानूनी संघर्ष लगातार सुर्खियों में बने रहते हैं। इस फैसले से यह साफ हो गया है कि कोर्ट ऐसे मामलों में सुरक्षा और वित्तीय व्यवस्था को गंभीरता से लेता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाई सिक्योरिटी एस्कॉर्ट फीस जैसी व्यवस्थाएँ जेल से बाहर किसी भी आरोपी की सुरक्षा और समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हैं। अबू सलम की पैरोल अर्जी खारिज होने के बाद उनके जेल प्रवास की अवधि में कोई बदलाव नहीं होगा।
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि जेल से बाहर निकलने के मामलों में वित्तीय और सुरक्षा जिम्मेदारियों की कितनी अहमियत है। ऐसे हाई-प्रोफाइल मामलों में न्यायालय का निर्णय न केवल कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा होता है, बल्कि समाज और सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी दिशा-निर्देश प्रदान करता है।