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‘उन्हें स्क्रीन नहीं, हमारे सपोर्ट की ज़रूरत है’: गाजियाबाद की बहनों की मौत के बाद सोनू सूद ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन की मांग की

National   •   👁 20 views   •   05 Feb 2026
‘उन्हें स्क्रीन नहीं, हमारे सपोर्ट की ज़रूरत है’: गाजियाबाद की बहनों की मौत के बाद सोनू सूद ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन की मांग की
गाजियाबाद में दो नाबालिग बहनों की आत्महत्या की दुखद घटना के बाद अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद ने बच्चों और किशोरों की मानसिक सेहत को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों को स्क्रीन टाइम से ज़्यादा मानवीय सपोर्ट, संवाद और समझ की ज़रूरत है। इसी संदर्भ में सोनू सूद ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “उन्हें हमारे सपोर्ट की ज़रूरत है, स्क्रीन की नहीं।” उन्होंने कहा कि कम उम्र में सोशल मीडिया का अत्यधिक इस्तेमाल बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ाता है, जिससे वे अकेलापन, तुलना, साइबर बुलिंग और असफलता की भावना से घिर जाते हैं।
अभिनेता का मानना है कि माता-पिता, स्कूल और समाज को मिलकर बच्चों के लिए सुरक्षित और सहयोगी माहौल तैयार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उम्र सत्यापन और कंटेंट मॉनिटरिंग को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।
इस घटना के बाद विशेषज्ञों ने भी बच्चों की मानसिक सेहत पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर चेतावनी दी है। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, किशोरावस्था में भावनात्मक अस्थिरता सामान्य होती है और ऐसे में डिजिटल दुनिया की नकारात्मकता बच्चों को गहराई से प्रभावित कर सकती है।
भारत में पहले भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया रेगुलेशन को लेकर बहस होती रही है। कई देशों में नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर सख्त नियम लागू हैं, और अब भारत में भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग तेज़ हो रही है।
सोनू सूद की यह अपील केवल एक बयान नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी मानी जा रही है—कि बच्चों की परवरिश में तकनीक नहीं, इंसानी जुड़ाव सबसे ज़रूरी है। यह समय है जब हम स्क्रीन से नज़र हटाकर अपने बच्चों की भावनाओं को समझें और उन्हें खुलकर बोलने का सुरक्षित मौका दें।