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भारत–ब्रिटेन के बीच सुरक्षा सहयोग मजबूत: आपराधिक रिकॉर्ड और इंटेलिजेंस की रियल-टाइम शेयरिंग के लिए MoU पर हस्ताक्षर

International  •  👁 20 views  •  04 Feb 2026
भारत–ब्रिटेन के बीच सुरक्षा सहयोग मजबूत: आपराधिक रिकॉर्ड और इंटेलिजेंस की रियल-टाइम शेयरिंग के लिए MoU पर हस्ताक्षर
भारत और ब्रिटेन ने सुरक्षा सहयोग को नई मजबूती देते हुए आपराधिक रिकॉर्ड और इंटेलिजेंस की रियल-टाइम जानकारी साझा करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य संगठित अपराध, आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क से निपटने में दोनों देशों के बीच समन्वय को और प्रभावी बनाना है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस MoU के तहत दोनों देश संदिग्धों के आपराधिक रिकॉर्ड, जांच से जुड़ी सूचनाएं और इंटेलिजेंस इनपुट्स को तेज़ और सुरक्षित तरीके से साझा कर सकेंगे। इससे न केवल अपराधियों की पहचान और ट्रैकिंग आसान होगी, बल्कि सीमा पार अपराधों पर भी लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब भारत और ब्रिटेन दोनों ही देशों को आतंकवाद, मनी लॉन्ड्रिंग, साइबर क्राइम और मानव तस्करी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। रियल-टाइम डेटा शेयरिंग से जांच एजेंसियों को समय पर कार्रवाई करने और संभावित खतरों को पहले ही रोकने में सहायता मिलेगी।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह MoU भारत–ब्रिटेन रणनीतिक साझेदारी का अहम हिस्सा है और दोनों देशों के बीच भरोसे को और गहरा करता है। इसके साथ ही, यह समझौता कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच तकनीकी सहयोग और क्षमता निर्माण को भी बढ़ावा देगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम उन मामलों में विशेष रूप से उपयोगी साबित होगा, जहां अपराधी एक देश में अपराध कर दूसरे देश में छिपने की कोशिश करते हैं। इससे प्रत्यर्पण, जांच और अभियोजन की प्रक्रिया को भी मजबूती मिलेगी।
कूटनीतिक स्तर पर, यह समझौता भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक सहयोग—जैसे व्यापार, रक्षा और प्रवासी मामलों—को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। दोनों देशों ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में सुरक्षा और इंटेलिजेंस साझेदारी को और विस्तार देने पर भी विचार किया जाएगा।
यह MoU वैश्विक स्तर पर बढ़ते सुरक्षा खतरों के बीच भारत और ब्रिटेन की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वे मिलकर कानून-व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेंगे।