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मिठाई और आर्सेनिक: मध्य प्रदेश में 3 मौतों के पीछे ‘घोड़े की दवा’ वाली साज़िश की कहानी

Crime  •  👁 13 views  •  03 Feb 2026
मिठाई और आर्सेनिक: मध्य प्रदेश में 3 मौतों के पीछे ‘घोड़े की दवा’ वाली साज़िश की कहानी
मध्य प्रदेश के एक छोटे शहर में हाल ही में सामने आए मामले ने राज्य की सुरक्षा और खाद्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ तीन लोगों की मौत एक संदिग्ध मिठाई में घुले आर्सेनिक के कारण हुई, जिसे स्थानीय तौर पर ‘घोड़े की दवा’ कहकर प्रसिद्ध किया गया। प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह केवल दुर्घटना नहीं थी, बल्कि सुनियोजित साज़िश का हिस्सा थी।
मृतक परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों ने बताया कि घटना से पहले मिठाई सामान्य और आकर्षक दिखती थी। हालाँकि, खाने के तुरंत बाद तीन लोगों की हालत बिगड़ गई और अस्पताल में उनका निधन हो गया। पुलिस ने मिठाई और उससे जुड़े सामग्री को जब्त कर फोरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा। प्रारंभिक रिपोर्ट में पाया गया कि मिठाई में जानलेवा मात्रा में आर्सेनिक मौजूद था, जो सीधे तौर पर मौत का कारण बनी।
जांच अधिकारी इस मामले को गंभीर बताते हुए कहते हैं कि यह घटना दर्शाती है कि किस तरह जहर को रोजमर्रा की वस्तुओं में छिपाकर आसानी से नुकसान पहुँचाया जा सकता है। स्थानीय प्रशासन ने मिठाई बनाने वाली दुकान को सील कर दिया है और संदिग्धों की पहचान के लिए सीसीटीवी और साक्ष्यों की मदद से छानबीन शुरू की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ‘घोड़े की दवा’ जैसी जहरीली सामग्री का गलत इस्तेमाल एक बड़ा सार्वजनिक खतरा है। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा और नागरिकों की जान के लिए खतरा भी है। मध्य प्रदेश सरकार ने चेतावनी जारी कर कहा है कि राज्य में ऐसी किसी भी सामग्री का उपयोग करने वाले खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
यह मामला यह याद दिलाता है कि छोटे शहरों में भी खाद्य सुरक्षा और निगरानी को लेकर सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। लोग जहां मिठाई और अन्य पैक्ड उत्पादों का आनंद लेते हैं, वहीं प्रशासन और पुलिस को ऐसे खतरों से निपटने के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार रखनी होगी।