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‘वे चांद का वादा करते हैं’: बच्चे के जन्म के दौरान मां की मौत पर पटना हाई कोर्ट ने बिहार के अवैध नर्सिंग होम्स को लगाई कड़ी फटकार

Crime  •  👁 8 views  •  03 Feb 2026
‘वे चांद का वादा करते हैं’: बच्चे के जन्म के दौरान मां की मौत पर पटना हाई कोर्ट ने बिहार के अवैध नर्सिंग होम्स को लगाई कड़ी फटकार
पटना हाई कोर्ट ने प्रसव के दौरान एक महिला की मौत के मामले में बिहार में संचालित अवैध नर्सिंग होम्स पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान “चांद का वादा करते हैं, लेकिन बुनियादी इलाज भी मुहैया नहीं करा पाते।” अदालत की यह टिप्पणी राज्य में निजी और गैर-मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थानों की गंभीर स्थिति को उजागर करती है।
मामला एक ऐसे नर्सिंग होम से जुड़ा था, जहां बच्चे के जन्म के दौरान जटिलताएं पैदा होने पर महिला की जान चली गई। परिजनों का आरोप था कि नर्सिंग होम के पास न तो आवश्यक मेडिकल सुविधाएं थीं और न ही प्रशिक्षित डॉक्टर मौजूद थे। इसके बावजूद संस्थान ने सुरक्षित डिलीवरी का भरोसा देकर मरीज को भर्ती किया।
पटना हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि बिहार में कई अवैध नर्सिंग होम बिना लाइसेंस और पर्याप्त संसाधनों के काम कर रहे हैं। ये संस्थान गरीब और अशिक्षित लोगों को बेहतर इलाज का सपना दिखाते हैं, लेकिन आपात स्थिति में मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ देते हैं। अदालत ने इसे बेहद चिंताजनक और मानवाधिकारों का उल्लंघन करार दिया।
कोर्ट ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि ऐसे अवैध नर्सिंग होम्स की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी चिकित्सा केंद्र बिना पंजीकरण और मानकों के संचालन न कर सके। न्यायालय ने कहा कि मातृत्व से जुड़ी सेवाओं में लापरवाही सीधे तौर पर जीवन के अधिकार का हनन है।
इस फैसले को स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाई कोर्ट की यह टिप्पणी न केवल अवैध नर्सिंग होम्स पर लगाम लगाएगी, बल्कि सरकार को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी मजबूर करेगी। यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही की कीमत अक्सर निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है।