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‘इसके पीछे क्या वजह है?’: पायलटों के अनिश्चित रेस्ट नियमों में बदलाव पर दिल्ली हाई कोर्ट ने DGCA से मांगा जवाब

Crime  •  👁 10 views  •  31 Jan 2026
‘इसके पीछे क्या वजह है?’: पायलटों के अनिश्चित रेस्ट नियमों में बदलाव पर दिल्ली हाई कोर्ट ने DGCA से मांगा जवाब
दिल्ली हाई कोर्ट ने पायलटों के रेस्ट (आराम) से जुड़े नियमों में बार-बार हो रहे बदलावों को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से सख्त सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने कहा कि पायलट रेस्ट नियमों में “अनिश्चितता” बनी हुई है और यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें संशोधन किस आधार पर किए जा रहे हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने DGCA से पूछा कि पायलटों की ड्यूटी और आराम से जुड़े नियमों में लगातार बदलाव के पीछे आखिर क्या वजह है। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि क्या इन संशोधनों से उड़ान सुरक्षा और पायलटों के स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव पड़ रहा है।
याचिका में कहा गया है कि पायलटों के लिए तय रेस्ट पीरियड उड़ान सुरक्षा का एक अहम हिस्सा होता है। पर्याप्त आराम न मिलने की स्थिति में पायलट थकान (फटीग) का शिकार हो सकते हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि नियमों में बार-बार बदलाव से न केवल भ्रम की स्थिति बनती है, बल्कि एयरलाइंस को इसका गलत फायदा उठाने का मौका भी मिल सकता है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने DGCA से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि क्या अंतरराष्ट्रीय मानकों और वैश्विक विमानन नियमों को ध्यान में रखकर ये बदलाव किए गए हैं या नहीं। कोर्ट ने संकेत दिया कि उड़ान सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अस्पष्टता स्वीकार्य नहीं हो सकती।
अदालत ने DGCA को इस मुद्दे पर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब अगली सुनवाई में यह देखा जाएगा कि नियामक संस्था पायलट रेस्ट नियमों को लेकर अपनी नीति और निर्णय प्रक्रिया को किस तरह स्पष्ट करती है।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश में हवाई यातायात लगातार बढ़ रहा है और पायलटों की कार्य-स्थिति को लेकर सवाल उठते रहे हैं। कोर्ट की यह टिप्पणी विमानन सुरक्षा के लिहाज से अहम मानी जा रही है।