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‘सिर्फ़ हवस मिटाने के लिए’: शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म करने पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने आरोपी को ठहराया दोषी

Crime  •  👁 8 views  •  31 Jan 2026
‘सिर्फ़ हवस मिटाने के लिए’: शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म करने पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने आरोपी को ठहराया दोषी
कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में शादी का झूठा वादा कर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी व्यक्ति को दोषी करार दिया है। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कोई प्रेम संबंध का मामला नहीं, बल्कि “सिर्फ़ हवस मिटाने के इरादे से किया गया गंभीर अपराध” है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने पीड़िता को शादी का भरोसा दिलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता उस समय नाबालिग थी और आरोपी उसकी उम्र व मानसिक स्थिति से भली-भांति परिचित था। बाद में आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया, जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिग की सहमति का कोई कानूनी महत्व नहीं होता और शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाना बलात्कार की श्रेणी में आता है। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि ऐसे मामलों में समाज को यह संदेश जाना चाहिए कि कानून महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर सख्त रुख अपनाता है।
कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए आरोपी की सजा को सही ठहराया। न्यायालय ने कहा कि आरोपी की मंशा शुरू से ही कपटपूर्ण थी और उसका उद्देश्य केवल शारीरिक शोषण करना था, न कि विवाह।
यह फैसला न सिर्फ पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि उन मामलों में भी एक मिसाल है जहां शादी का झूठा वादा कर महिलाओं और नाबालिगों का शोषण किया जाता है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोक लगाने में मददगार साबित होगा।