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बेंगलुरु से एंडीज तक: कैसे त्रिपुरा के इंजीनियर ने 100 किमी/घंटे की हवाओं से जूझते Mt. Aconcagua फतह किया

National  •  👁 11 views  •  30 Jan 2026
बेंगलुरु से एंडीज तक: कैसे त्रिपुरा के इंजीनियर ने 100 किमी/घंटे की हवाओं से जूझते Mt. Aconcagua फतह किया
बेंगलुरु/अगर्तला: त्रिपुरा के इंजीनियर अरित्रा रॉय ने दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण पर्वतों में से एक माउंट अकॉनकागुआ को सफलता पूर्वक फतह कर नया इतिहास रचा है। अर्जेंटीना के एंडीज पर्वत श्रृंखला में स्थित यह पर्वत 22,841 फीट ऊँचा है और दक्षिण अमेरिका की सबसे उँची चोटी होने के साथ ही एशिया के बाहर सर्वाधिक ऊँचाई वाला शिखर भी है। इसका सफलतम आरोहण दर लगभग 30 % है, खासकर तापमान शून्य से नीचे, तेज हवाएँ और उच्च ऊँचाई की कठिनाइयाँ इसे बेहद चुनौतीपूर्ण बनाती हैं।
अरित्रा रॉय मूलतः त्रिपुरा के रहने वाले हैं और वर्तमान में बेंगलुरु में आईटी इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं। वे एक परिवार में पैदाइशी खिलाड़ी पृष्ठभूमि से आते हैं, जहाँ उनके पिता फुटबॉल कोच थे और उन्होंने बचपन से ही खेलों में भाग लिया। कोविड‑19 महामारी के दौरान लॉकडाउन के समय उन्होंने अपने स्वास्थ्य और सहनशीलता को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे पर्वतारोहण की दिशा में उनकी रुचि और दृढ़ता बढ़ी। इसके बाद उन्होंने हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टिट्यूट, दार्जिलिंग से औपचारिक प्रशिक्षण लिया और अन्य प्रमुख चोटियों जैसे माउंट किलिमंजारो और माउंट एल्ब्रस को पहले सफलतापूर्वक फतह किया।
उनकी अकॉनकागुआ यात्रा 29 दिसंबर 2025 को शुरू हुई थी और 7 जनवरी 2026 को 100 किमी/घंटे से अधिक तेज हवाओं, बर्फ़ीले तूफ़ानों और कम ऑक्सीजन स्तर के बीच शिखर तक पहुँचने में सफलता मिली। उन्होंने Base Camp से लेकर Camp 1 और Camp 2 तक कठिन चरणों को पार किया और अंततः 10.5 घंटे की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई के बाद summit पर कदम रखा। इस दौरान मौसम की अप्रत्याशित बदलती स्थितियों ने उनकी परीक्षा और भी कठिन बना दी थी।
अरित्रा रॉय की यह उपलब्धि न केवल भारत, बल्कि विश्वभर के पर्वतारोही समुदाय में प्रेरणा का स्रोत बनी है। यह साबित करता है कि निरंतर तैयारी, धैर्य और साहस से कठिन से कठिन बाधाएँ भी पार की जा सकती हैं।