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सुप्रीम कोर्ट ने 30 जनवरी को स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा

Crime  •  👁 10 views  •  30 Jan 2026
सुप्रीम कोर्ट ने 30 जनवरी को स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा
नई दिल्ली: भारत के सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट ने 30 जनवरी, 2026 को सुबह 11 बजे दो मिनट का मौन (two minutes silence) रखने का निर्णय लिया है ताकि स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को सम्मानित किया जा सके, जिन्होंने भारत को स्वतंत्र कराने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। यह परंपरा हर साल शहीद दिवस (Martyrs’ Day) के अवसर पर निभाई जाती है, जब देश महात्मा गांधी की पुण्यतिथि और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों को याद करता है।
सुप्रीम कोर्ट प्रशासन द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, सुबह 10:59 बजे सायरन बजने के साथ दो मिनट के मौन की शुरुआत होगी और 11 बजे सभी न्यायाधीश, वकील, स्टाफ और उपस्थित लोग जहां हैं वहीं खड़े होकर श्रद्धा और गंभीरता के साथ यह मौन रखेंगे। मौन का उद्देश्य उन वीरों को याद करना है जिन्होंने भारत की आज़ादी और अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
30 जनवरी का दिन शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है क्योंकि वर्ष 1948 को इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई थी। इस दिन देशभर में शांति और देशभक्ति के संदेश के साथ, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया जाता है। कई सरकारी, न्यायपालिका एवं सामाजिक प्रतिष्ठानों द्वारा जनमानस को प्रेरित करने और उनके बलिदान को सम्मान देने के लिए विशेष प्रार्थना सभा और कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
सुप्रीम कोर्ट में यह मौन सिर्फ एक औपचारिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह देश के न्यायिक स्वास्थ्य, मानवीय मूल्यों और राष्ट्रीय गौरव की पहचान भी दर्शाता है। अदालत परिसर में जब सायरन की ध्वनि गूंजती है और सभी लोग दो मिनट के लिए खामोश हो जाते हैं, तो यह याद दिलाता है कि हमारे सशस्त्र बलों और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और त्याग के कारण ही आज हम एक आज़ाद, समृद्ध और लोकतांत्रिक भारत का हिस्सा हैं।
इस पहल से न्यायालय ने न केवल शहीदों के प्रति सम्मान जताया, बल्कि पूरे देश को एकजुटता और कृतज्ञता के साथ अपने इतिहास को स्मरण रखने का संदेश भी दिया है।