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“कोचिंग संस्थाओं की मांग: GST दर कम करें, केंद्रीय वित्त मंत्री से आवेदन”

Education  •  👁 13 views  •  29 Jan 2026
“कोचिंग संस्थाओं की मांग: GST दर कम करें, केंद्रीय वित्त मंत्री से आवेदन”
देश की कोचिंग संस्थाओं ने केंद्रीय वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि शैक्षिक कोचिंग सेवाओं पर लागू GST (वस्तु एवं सेवा कर) की दर में कटौती की जाए। इस मांग के पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि वर्तमान GST दर कोचिंग संस्थाओं और छात्रों दोनों के लिए आर्थिक बोझ बढ़ा रही है।
कोचिंग संस्थाओं का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं की बढ़ती तैयारी की मांग के चलते शिक्षार्थियों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन उच्च कर दर के कारण उनकी फीस में भी बढ़ोतरी करनी पड़ रही है। इससे छात्रों के लिए गुणवत्ता शिक्षा की पहुंच सीमित हो सकती है। इस अनुरोध में यह भी कहा गया है कि अगर GST दर कम की जाती है, तो संस्थाएं अपने खर्चों में सुधार कर छात्रों को सस्ती और बेहतर सेवाएँ प्रदान कर पाएंगी।
शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि कोचिंग संस्थाओं पर GST दर में कमी का निर्णय न केवल छात्रों की आर्थिक 부담 को कम करेगा, बल्कि शैक्षिक व्यवसायों के लिए भी स्थिरता और निवेश के अवसर बढ़ाएगा। वहीं, सरकार की नजर राजस्व और कर नीति संतुलन पर भी रहती है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय अब इस प्रस्ताव की व्यापक समीक्षा कर रहा है। मंत्रालय की संभावना है कि यदि प्रस्ताव स्वीकार किया गया, तो यह राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा क्षेत्र में कर बोझ कम करने और छात्रों के लिए सहूलियत बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम होगा।
वर्तमान में, शैक्षिक सेवाओं पर GST दर 18% है, और कोचिंग संस्थाओं का मानना है कि इसे घटाकर 5-12% किया जाना चाहिए। ऐसे बदलाव से विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की आर्थिक राहत होगी और देश में शिक्षा के क्षेत्र में सुलभता और गुणवत्ता दोनों बढ़ेंगी।